भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में केन्या की नेशनल असेंबली के स्पीकर डॉ. मोसेस एम. वेटंगुला के नेतृत्व में आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल से द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों की समीक्षा की गई और आगामी वर्षों में रणनीतिक, तकनीकी तथा संसदीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की गई।
क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग को लेकर राधाकृष्णन ने कहा कि भारत सरकार केन्याई नागरिकों और अधिकारियों के लिए सालाना लगभग 400 प्रशिक्षण और शिक्षा छात्रवृत्तियां प्रदान करती है। वर्तमान में केन्या के 20 राजनयिक भारत में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों के लिए आईसीसीआर छात्रवृत्तियों की संख्या को 80 से बढ़ाकर 100 प्रति वर्ष कर दिया गया है।
![]() |
| Image Source: PIB |
ई-संसद और डिजिटल तकनीक साझा करने की पेशकश
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान राधाकृष्णन ने भारत की डिजिटल तकनीक और तकनीकी विकास का उल्लेख किया। उन्होंने केन्या को ई-संसद यानी कागज़रहित संसदीय प्रणाली के निर्माण के लिए भारतीय तकनीकी समाधानों को साझा करने की पेशकश की। भारत के डिजी-लॉकर और गति शक्ति प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान केन्या में डिजी-लॉकर पायलट प्रोजेक्ट पर समझौता हुआ था। इसके अलावा, दोनों देशों की तकनीकी टीमें केन्या में गति शक्ति प्रोजेक्ट के अनुकूल मॉडल तैयार करने पर काम कर रही हैं।शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास साझेदारी का विस्तार
भारत और केन्या के बीच विकास साझेदारी को रेखांकित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने अनुदान-सहायता के माध्यम से कई परियोजनाएं पूरी की हैं। इनमें नैरोबी विश्वविद्यालय की महात्मा गांधी ग्रेजुएट लाइब्रेरी का जीर्णोद्धार और मतोंग्वे स्थित केन्याई नौसेना बेस पर सीटी स्कैन सुविधाओं की स्थापना शामिल है।क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग को लेकर राधाकृष्णन ने कहा कि भारत सरकार केन्याई नागरिकों और अधिकारियों के लिए सालाना लगभग 400 प्रशिक्षण और शिक्षा छात्रवृत्तियां प्रदान करती है। वर्तमान में केन्या के 20 राजनयिक भारत में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों के लिए आईसीसीआर छात्रवृत्तियों की संख्या को 80 से बढ़ाकर 100 प्रति वर्ष कर दिया गया है।
सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता पर मांगा केन्या का समर्थन
अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग की चर्चा करते हुए राधाकृष्णन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वर्ष 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत की अस्थायी सीट का समर्थन करने पर केन्या का आभार जताया। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे के लिए भी केन्या से निरंतर समर्थन मांगा। वार्ता के दौरान उन्होंने केन्या को अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और अंतरराष्ट्रीय बिग कैट अलायंस में शामिल होने का निमंत्रण दिया।ऐतिहासिक संबंध और व्यापारिक जुड़ाव
दोनों देशों के सदियों पुराने व्यापारिक और जन-स्तरीय संबंधों को याद करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि भारत और स्वाहिली तट के बीच प्राचीन काल से व्यापारिक संबंध रहे हैं। उन्होंने केन्या सरकार द्वारा वहां बसे भारतीय मूल के लोगों को देश की 44वीं आधिकारिक जनजाति के रूप में दी गई मान्यता की सराहना की। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2016 की केन्या यात्रा और वर्ष 2023 में केन्याई राष्ट्रपति विलियम रुटो के भारत दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि इस संसदीय दौरे से दोनों देशों के रिश्ते नए स्तर पर पहुंचेंगे।
Tags
केन्या
ख़बर
देश
विदेश
व्यापार
CP Radhakrishnan
Diplomatic News
Foreign Affairs Hindi
India Kenya Relations
UNSC
Vice President Of India
