Netflix के Co-CEO टेड सारंडोस ने PM मोदी से की मुलाकात: भारत को ग्लोबल कंटेंट हब बनाने पर बनी बड़ी सहमति

विश्व के प्रमुख ओटीटी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Co-CEO) टेड सारंडोस ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान भारत के तेजी से बढ़ते मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर की अपार संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत सदियों पुरानी कहानी कहने की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और असाधारण क्रिएटिव टैलेंट के दम पर दुनिया के नक्शे पर एक प्रमुख ग्लोबल कंटेंट क्रिएशन हब के रूप में उभर सकता है।

PM Modi Meets Netflix Co-CEO Ted Sarandos: भारत बनेगा ग्लोबल कंटेंट हब
Image Source: X.com/@NetflixIndia

वैश्विक मनोरंजन उद्योग में भारत की बढ़ती धमक को इस बैठक से एक नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का दायरा जिस तेजी से बढ़ा है, उसने अंतरराष्ट्रीय मीडिया दिग्गजों का ध्यान अपनी ओर मजबूती से आकर्षित किया है। नेटफ्लिक्स जैसी वैश्विक कंपनी के शीर्ष नेतृत्व का प्रधानमंत्री से मिलना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारतीय कंटेंट और भारतीय रचनाकारों के लिए आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर असीम अवसर खुलने जा रहे हैं।

डिजिटल इंडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर की असीम संभावनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेड सारंडोस के साथ हुई इस उपयोगी चर्चा की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर साझा की। प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मिस्टर टेड सारंडोस से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई और इस दौरान भारत के मीडिया एवं एंटरटेनमेंट सेक्टर में मौजूद असीम संभावनाओं पर सार्थक बातचीत हुई। पीएम मोदी ने आगे लिखा कि भारत में कहानी कहने की एक बेहद समृद्ध परंपरा रही है और देश में रचनात्मक प्रतिभाओं का एक बड़ा और असाधारण पूल मौजूद है। इस प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत का सही इस्तेमाल भारत को वैश्विक स्तर पर कंटेंट निर्माण का सबसे बड़ा केंद्र बनाने के लिए किया जा सकता है।

भारत में सस्ती इंटरनेट सेवाओं, डिजिटल बुनियादी ढांचे के विकास और स्मार्टफोन के व्यापक प्रसार के कारण ओटीटी इंडस्ट्री में अभूतपूर्व उछाल आया है। देश के छोटे शहरों से लेकर बड़े महानगरों तक हर वर्ग के लोग डिजिटल कंटेंट से सीधे जुड़ रहे हैं। नेटफ्लिक्स के लिए भारत दुनिया के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण बाजारों में से एक बनकर उभरा है। इस बाजार की विविधता और स्थानीय कहानियों की वैश्विक स्वीकार्यता ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भारतीय प्रतिभाओं में भारी निवेश करने के लिए प्रेरित किया है।

भारतीय स्टोरीटेलिंग और लोकल कंटेंट की ग्लोबल धमक

भारत की पहचान हमेशा से विविध संस्कृतियों, भाषाओं और लोकगाथाओं के देश के रूप में रही है। भारत में सदियों से चली आ रही स्टोरीटेलिंग यानी किस्सागोई की कला अब आधुनिक डिजिटल कैनवास पर निखर कर सामने आ रही है। नेटफ्लिक्स जैसे वैश्विक प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय भाषाओं में बने शो, वेब सीरीज और फिल्में न केवल भारत में बल्कि विदेश में भी लाखों लोगों द्वारा पसंद की जा रही हैं। भारतीय लेखक, निर्देशक, अभिनेता और तकनीशियन अपनी रचनात्मकता का लोहा पूरी दुनिया में मनवा रहे हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा भारतीय क्रिएटिव टैलेंट को ग्लोबल हब से जोड़ने का विचार यह स्पष्ट करता है कि सरकार रचनात्मक उद्योग को आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन के एक सशक्त माध्यम के रूप में देख रही है। जब भारतीय कहानियां अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचती हैं, तो इससे न केवल सांस्कृतिक विनिमय होता है बल्कि देश में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (VFX), गेमिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होते हैं।

वैश्विक निवेश और भविष्य की रूपरेखा

टेड सारंडोस और प्रधानमंत्री मोदी की यह मुलाकात केवल एक औपचारिक बातचीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के बड़े निवेशों और साझेदारियों की जमीन भी तैयार करती है। नेटफ्लिक्स पहले ही भारतीय ओरिजिनल कंटेंट के निर्माण में करोड़ों डॉलर का निवेश कर चुका है और भारतीय सिनेमा उद्योग के साथ मिलकर कई ब्लॉकबस्टर प्रोजेक्ट्स तैयार कर रहा है। सरकार की ओर से मीडिया सेक्टर को मिल रहे प्रोत्साहन और व्यापार में आसानी के कारण आने वाले समय में और अधिक विदेशी निवेश की उम्मीद है।

भारत अब केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं रह गया है, बल्कि वह दुनिया के लिए उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट बनाने का कारखाना बन रहा है। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुसार, यदि भारतीय प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय तकनीक और प्लेटफॉर्म्स का साथ मिलता है, तो भारत बहुत जल्द वैश्विक मनोरंजन और मीडिया उद्योग का सिरमौर बन जाएगा। नेटफ्लिक्स नेतृत्व के साथ हुई यह बैठक इसी दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम साबित होगी।

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