JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: रांची में सड़कों पर उतरे हजारों छात्र, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से वार्ता का रास्ता खुला

झारखंड की राजधानी रांची इस समय युवाओं और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के भारी आक्रोश का केंद्र बनी हुई है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। रांची के ऐतिहासिक जयपाल सिंह स्टेडियम और आसपास के इलाकों में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल जारी है। इस बढ़ते जनआक्रोश और मानसून सत्र की सुगबुगाहट के बीच राज्य सरकार भी अब बैकफुट पर दिखाई दे रही है और आंदोलनकारी छात्रों के साथ औपचारिक बातचीत की पहल की गई है।

JPSC-JSSC Protest: रांची में छात्रों का बड़ा आंदोलन, CM हेमंत सोरेन से वार्ता और मुख्य मांगें
Image Source: Social Media

14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद से ही विवाद की शुरुआत हुई थी। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की अनदेखी की गई है और बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। इसके साथ ही JSSC CGL समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन को लेकर भी छात्र लंबे समय से सवाल उठाते आ रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी और अपर जिला मजिस्ट्रेट ने धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों को मुख्यमंत्री आवास पर वार्ता के लिए आमंत्रित किया।

सरकार का रुख और मुख्यमंत्री की अपील

प्रशासनिक दबाव और चौतरफा घिरी सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरे मामले पर बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार छात्रों के प्रति संवेदनशील है और उनकी हर जायज मांग पर गंभीरता से विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और लोकतंत्र में संवाद ही हर समस्या का समाधान है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गड़बड़ियों के आरोपों की जांच के तहत कई संदिग्धों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है तथा जांच एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय स्तर पर भी चर्चा की जा सकती है।

सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए संकेत दिए हैं कि एक-दो दिनों के भीतर उच्च स्तरीय समिति का गठन कर ठोस दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिलकर मुख्यमंत्री ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, जहां राज्यपाल ने भर्ती आयोगों की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है।

वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल का गठन और छात्रों की शर्तें

सरकार के निमंत्रण के बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र संगठनों ने आपस में मैराथन बैठक की और सरकार से वार्ता के लिए एक मजबूत प्रतिनिधिमंडल तैयार किया है। आठ प्रमुख छात्र प्रतिनिधियों के साथ दो वरिष्ठ पत्रकारों और एक कानूनविद को इस दल में शामिल किया गया है, जो अभिभावक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे। हालांकि छात्रों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री के सामने सभी तकनीकी तथ्य और मांगें केवल छात्र प्रतिनिधि ही रखेंगे।

बातचीत के लिए तैयार होने के बावजूद छात्रों का रुख बेहद सख्त नजर आ रहा है। आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने यह प्रमुख शर्त रखी है कि यह वार्ता किसी बंद कमरे के बजाय लाइव मीडिया और कैमरों की मौजूदगी में खुली जगह पर होनी चाहिए। छात्रों का कहना है कि अतीत में भी बंद कमरों में वार्ताएं हुई हैं, लेकिन उनका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला और फाइलें हमेशा के लिए बंद हो गईं। इस बार वे जनता और मीडिया के सामने पारदर्शी तरीके से फैसला चाहते हैं।

प्रमुख मांगें और भावी आंदोलन की रूपरेखा

छात्रों के इस व्यापक आंदोलन का मुख्य आधार भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण सुधार और गड़बड़ियों पर पूर्ण विराम लगाना है। आंदोलनकारी छात्र 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा को तुरंत रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने तथा परीक्षा आयोजित करने वाली संबंधित एजेंसियों की निष्पक्ष जांच की मांग पर छात्र अड़े हुए हैं।

रांची में जारी भूख हड़ताल के कारण कई अभ्यर्थियों का स्वास्थ्य भी बिगड़ने लगा है, लेकिन छात्रों का हौसला कम नहीं हुआ है। छात्रों ने हाल ही में तिरंगा मार्च निकालकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया और चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने वार्ता में उनकी मांगों का लिखित समाधान नहीं निकाला, तो 10 अगस्त को राज्य विधानसभा का घेराव किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली यह संभावित वार्ता झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य को किस दिशा में ले जाती है।

A K

Founding Editor

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने