उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद हैरान और डरा देने वाली खबर सामने आ रही है। लखनऊ के बेहद व्यस्त और प्रमुख इलाके अलीगंज के पुरनिया चौराहे के पास सोमवार (22 जून 2026) को दोमंजिला इमारत में संचालित प्राइवेट कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों और काले धुएं के गुबार ने पूरी बिल्डिंग को अपने आगोश में ले लिया।

इस हादसे के वक्त कोचिंग सेंटर के अंदर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। अचानक आग लगने और पूरी बिल्डिंग में धुआं भरने के कारण वहां चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल और छज्जे से नीचे छलांग लगा दी। इस हादसे में 14 छात्रों की मौत और कई घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दुकान से शुरू हुई आग ने कोचिंग को लिया चपेट में
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, अलीगंज के पुरनिया इलाके में स्थित इस बहुमंजिला इमारत के निचले हिस्से (ग्राउंड फ्लोर) में एक दुकान थी। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से पहले दुकान में आग लगी। दुकान में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं के गुबार से घिर गई।
इस दुकान के ठीक ऊपर की मंजिलों पर एक नामचीन प्राइवेट कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था। जब तक छात्र कुछ समझ पाते, तब तक सीढ़ियों और आने-जाने वाले रास्तों में गाढ़ा काला धुआं भर चुका था। बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के कारण छात्र अंदर ही फंस गए और उनके बीच दहशत का माहौल बन गया।
14 लोगों की मौत, जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनी से कूदे छात्र
सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर इस घटना के कुछ विचलित करने वाले वीडियो भी सामने आए हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि इमारत की खिड़कियों और बालकनी से काला धुआं तेजी से बाहर निकल रहा है और अंदर फंसे छात्र-छात्राएं जान बचाने के लिए गुहार लगा रहे हैं।
जब अंदर दम घुटने लगा और बचने का कोई रास्ता नहीं दिखा, जिसमें 14 लोगों की जलकर मौत हो गई। कई जांबाज छात्रों ने इमारत की पहली मंजिल और छज्जों से नीचे छलांग लगा दी। नीचे खड़े स्थानीय लोगों ने भी तत्परता दिखाते हुए कुछ छात्रों को कैच करने की कोशिश की और गद्दे आदि फैलाए। हालांकि, ऊंचाई से कूदने के कारण कई छात्र-छात्राओं को हाथ-पैर और पीठ में गंभीर चोटें आई हैं।
प्रशासनिक अमला और दमकल गाड़ियां मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत एक्शन में आ गईं। आग की गंभीरता को देखते हुए एक के बाद एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म सहित कुल 14 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकलकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे की खबर मिलते ही लखनऊ के जिला अधिकारी (DM) विशाख जी, एडीसीपी उत्तरी ट्विंकल जैन, एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्र सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री (Deputy CM) ब्रजेश पाठक भी स्थिति का जायजा लेने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और क्रेन व सीढ़ियों की मदद से अंदर फंसे सभी बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में हुई इस अग्नि दुर्घटना का तत्काल संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और राहत कार्य में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए।
सीएम योगी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि हादसे में घायल हुए सभी छात्र-छात्राओं को तुरंत और समुचित निःशुल्क इलाज मुहैया कराया जाए। मुख्यमंत्री ने घायल बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है और स्थानीय प्रशासन को पूरी मुस्तैदी से स्थिति पर नजर रखने को कहा है।
कोचिंग सेंटर्स की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
लखनऊ के अलीगंज, हजरतगंज और कपूरथला जैसे इलाके कोचिंग हब माने जाते हैं, जहां हजारों छात्र अपने भविष्य को संवारने आते हैं। लेकिन पुरनिया की इस घटना ने एक बार फिर इन व्यावसायिक इमारतों और कोचिंग सेंटर्स में फायर सेफ्टी (Fire Safety Rules) के इंतजामों की पोल खोल कर रख दी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस संकरी बहुमंजिला इमारत में न तो ठीक से 'फायर एग्जिट' (आपातकालीन निकास) की व्यवस्था थी और न ही आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण मौजूद थे। फिलहाल, पुलिस और फायर विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस कोचिंग संस्थान के पास फायर एनओसी थी या नहीं। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।