खाड़ी देश कतर से एक बेहद दुखद और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। कतर के सबसे बड़े और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र 'रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी' स्थित एक गैस आपूर्ति प्लांट में भीषण विस्फोट और आग लगने के कारण 12 भारतीय मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस औद्योगिक दुर्घटना में कुल 13 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जिनमें से 12 नागरिक भारत के थे। इसके अलावा, विभिन्न देशों के करीब 66 लोग इस हादसे में गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
इस भीषण त्रासदी के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवेदनाओं का दौर शुरू हो गया है। कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल-थानी ने मंगलवार (23 जून 2026) को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत और कतर अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग हैं और संकट की इस घड़ी में एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े हैं।
विस्फोट इतना जबरदस्त था कि प्लांट के भीतर काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग की लपटों ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में घायल हुए 66 लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। कतरी अधिकारियों के अनुसार, सभी घायल फिलहाल सुरक्षित हैं और उन्हें त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि घायलों में कई अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं, और भारतीय दूतावास यह सुनिश्चित कर रहा है कि सभी प्रभावित भारतीयों को उचित इलाज मिले। इसके साथ ही, मृतकों की पहचान स्थापित करने और उनके पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द सम्मानपूर्वक भारत में उनके पैतृक गांवों तक पहुंचाने (Repatriation) के लिए कतरी अधिकारियों के साथ मिलकर कागजी और कूटनीतिक कार्रवाई तेजी से पूरी की जा रही है।
कतर में भारतीय प्रवासियों और श्रमिकों की एक बहुत बड़ी आबादी रहती है, जो वहां के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देती है। ऐसे में कतर सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह इस घटना की विस्तृत जांच कराएगी और भविष्य में ऐसी औद्योगिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी, जताया आभार
कतर के अमीर से फोन पर हुई बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी साझा की। पीएम मोदी ने लिखा, "मैं कतर के अमीर महामहिम को उनके फोन कॉल और कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए दुखद हादसे में भारतीय नागरिकों की मौत पर व्यक्त की गई संवेदनाओं के लिए धन्यवाद देता हूं। हम दोनों उन परिवारों के दुख को साझा करते हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।"I thank His Highness the Amir of Qatar for his phone call and condolences on the loss of lives of Indian nationals in the tragic accident at Ras Laffan Industrial City in Qatar.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 23, 2026
We both share the grief of the families who have lost their loved ones and pray for the speedy…
पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत और कतर अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग हैं और संकट की इस घड़ी में एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े हैं।
कैसे हुआ रास लफान गैस प्लांट में यह हादसा?
प्राप्त जानकारी और कतर प्राधिकारियों के मुताबिक, यह भीषण हादसा रविवार, 21 जून 2026 की रात को रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी के 'बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी' (Barzan Gas Supply Facility) में हुआ। बताया जा रहा है कि गैस प्लांट में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण एक जोरदार धमाका हुआ, जिसने देखते ही देखते बड़े विस्फोट और भयंकर आग का रूप ले लिया।विस्फोट इतना जबरदस्त था कि प्लांट के भीतर काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग की लपटों ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में घायल हुए 66 लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। कतरी अधिकारियों के अनुसार, सभी घायल फिलहाल सुरक्षित हैं और उन्हें त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।
शवों को भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय मुस्तैद
भारत सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) इस पूरी स्थिति पर बारीक नजर बनाए हुए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, "रास लफान गैस क्षेत्र में हुआ विस्फोट बेहद दुखद है। हमने इसमें अपने 12 नागरिकों को खो दिया है। कतर में स्थित भारतीय दूतावास लगातार वहां के स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों के संपर्क में है।"प्रवक्ता ने आगे बताया कि घायलों में कई अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं, और भारतीय दूतावास यह सुनिश्चित कर रहा है कि सभी प्रभावित भारतीयों को उचित इलाज मिले। इसके साथ ही, मृतकों की पहचान स्थापित करने और उनके पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द सम्मानपूर्वक भारत में उनके पैतृक गांवों तक पहुंचाने (Repatriation) के लिए कतरी अधिकारियों के साथ मिलकर कागजी और कूटनीतिक कार्रवाई तेजी से पूरी की जा रही है।
भारत और कतर के द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती
इस संकट के समय कतर के अमीर द्वारा खुद पीएम मोदी को फोन करना दोनों देशों के बीच के मजबूत और संवेदनशील कूटनीतिक रिश्तों को दर्शाता है। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा और भलाई को लेकर प्रतिबद्धता दोहराई, बल्कि द्विपक्षीय सहयोग को और विस्तार देने की बात भी कही। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों के लिए कतर द्वारा दिए जा रहे सकारात्मक योगदान की भी सराहना की।कतर में भारतीय प्रवासियों और श्रमिकों की एक बहुत बड़ी आबादी रहती है, जो वहां के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देती है। ऐसे में कतर सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह इस घटना की विस्तृत जांच कराएगी और भविष्य में ऐसी औद्योगिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगी।
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