
₹15 करोड़ एडवांस और ₹50 करोड़ का 'MSP' का दावा
इस पूरे विवाद की शुरुआत 16 जून 2026 की रात को हुई जब संजय राउत ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर "अपना सपना मनी..मनी..!" लिखते हुए आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को पाला बदलने के लिए ₹15-15 करोड़ का ऑफर दिया जा रहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी टैग किया।अपना सपना मनी..मनी..!
— Sanjay Raut (@rautsanjay61) June 16, 2026
Apna Sapna Money Money!
It’s shocking and revolting that Maharashtra MPs are reportedly being offered ₹15 crore each tonight to switch sides.@Dev_Fadnavis
इसके बाद, 17 जून को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने राउत के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए तंज कसा। महुआ मोइत्रा ने लिखा:
"सिर्फ ₹15 करोड़? इतने सस्ते में क्यों जा रहे हैं? ऐसा लगता है कि हमारे वालों को ₹4 करोड़ एडवांस और बाकी के 36 महीनों के कार्यकाल के लिए ₹1 करोड़ प्रति महीना मिला है... हनी प्लस मनी।"
Only ₹15 cr? Saste mein kyo jaa rahe hai? Believe ours got ₹4cr up front and ₹1cr a month for next 36 months of term. …. Honey plus Money.@uddhavthackeray @abhishekaitc https://t.co/Yl1ZXFxkC5
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) June 16, 2026
महुआ मोइत्रा के इस तंज पर पलटवार करते हुए संजय राउत ने एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि ₹15 करोड़ तो सिर्फ एडवांस राशि है। राउत ने लिखा:
"नहीं नहीं महुआ जी, प्रति सांसद का मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) ₹50 करोड़ (पचास खोके) तय किया गया है। ₹15 करोड़ तो सिर्फ एडवांस है। सच कहें तो ये लोग ₹50,000 के भी लायक नहीं हैं। इनका मूल्य सिर्फ शिवसेना और टीएमसी के ब्रांड लेबल की वजह से बढ़ा है।"
Apna Sapna Money Money!
— Sanjay Raut (@rautsanjay61) June 17, 2026
No no — Mahua ji,the Minimum Support Price is fixed at ₹50 crore per MP.(पचास खोके)
₹15 crore is just the advance.
Frankly, these people aren’t even worth ₹50,000.
Their price has only gone up because of the Shiv Sena and TMC brand label. https://t.co/Srzjgg4DkX
मीडिया की खबरों और अफवाहों पर राउत का स्पष्टीकरण
पाला बदलने की खबरों और दिल्ली दौरों को लेकर मीडिया में चल रही रिपोर्ट्स पर भी संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में मीडिया पर निशाना साधते हुए कुछ सांसदों की स्थिति स्पष्ट की।राउत ने कहा कि नासिक के सांसद राजाभाऊ वाजे केवल एक इंडस्ट्री कमेटी की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली गए हैं, जबकि मीडिया में इसे बिल्कुल अलग रंग देकर दिखाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने हिंगोली के सांसद नागेश अष्टेकर का हवाला देते हुए कहा कि अष्टेकर ने खुद स्पष्ट किया है कि वे हिंगोली में ही मौजूद हैं, और विरोधी दल राजनीतिक लाभ के लिए उनके फर्जी हस्ताक्षर तक बना सकते हैं।
संजय राउत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग भी पर्दे के पीछे से इस तरह की साजिशें रच रहे हैं, उन्हें इस बार महाराष्ट्र की जनता और शिवसैनिक किसी भी कीमत पर बख्शने वाले नहीं हैं।
Media ची कमाल आहे,
— Sanjay Raut (@rautsanjay61) June 17, 2026
नाशिक चे खासदार राजाभाऊ वाजे
हे दिल्लीत उद्योग समिती च्या बैठकी साठी निघाले आहेत
आणि इकडे बातम्या वेगळ्याच दाखवत आहेत
नागेश अष्टेकर हिंगोली खासदार
म्हणाले, मी हिंगोलीत आहे पण हे लोक माझी खोटी सही करू शकतात!
आता हे जे लोक आहेत…
त्याना यावेळी जनता आणि…
महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों से पहले नेताओं के बीच की यह 'ट्विटर वॉर' साफ दर्शाती है कि राज्य में गठबंधन और दलों के भीतर आंतरिक हलचल तेज है। जहां एक तरफ विपक्षी दल अपनी एकजुटता का दावा कर रहे हैं और सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों व धनबल के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सांसदों के दौरों को लेकर संशय बरकरार है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इन दावों में कितनी सच्चाई है और महाराष्ट्र की राजनीति क्या नया मोड़ लेती है।