Maharashtra Politics: सांसदों की खरीद-फरोख्त के दावों पर संजय राउत और महुआ मोइत्रा का बड़ा हमला, बताया '50 करोड़' का रेट

महाराष्ट्र की सियासत में सांसदों की कथित खरीद-फरोख्त (Horse Trading) और पाला बदलने की चर्चाओं को लेकर सोशल मीडिया पर एक नया सियासी घमासान छिड़ गया है। शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत तथा तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा के बीच एक्स (X) पर हुई एक बातचीत ने इस विवाद को और हवा दे दी है। दोनों नेताओं ने विपक्षी सांसदों को करोड़ों रुपये के ऑफर दिए जाने का आरोप लगाया है।
Sanjay Raut Mahua Moitra Twitter War on Maharashtra MPs

₹15 करोड़ एडवांस और ₹50 करोड़ का 'MSP' का दावा

इस पूरे विवाद की शुरुआत 16 जून 2026 की रात को हुई जब संजय राउत ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर "अपना सपना मनी..मनी..!" लिखते हुए आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को पाला बदलने के लिए ₹15-15 करोड़ का ऑफर दिया जा रहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी टैग किया।

इसके बाद, 17 जून को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने राउत के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए तंज कसा। महुआ मोइत्रा ने लिखा:
"सिर्फ ₹15 करोड़? इतने सस्ते में क्यों जा रहे हैं? ऐसा लगता है कि हमारे वालों को ₹4 करोड़ एडवांस और बाकी के 36 महीनों के कार्यकाल के लिए ₹1 करोड़ प्रति महीना मिला है... हनी प्लस मनी।"


महुआ मोइत्रा के इस तंज पर पलटवार करते हुए संजय राउत ने एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि ₹15 करोड़ तो सिर्फ एडवांस राशि है। राउत ने लिखा:
"नहीं नहीं महुआ जी, प्रति सांसद का मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) ₹50 करोड़ (पचास खोके) तय किया गया है। ₹15 करोड़ तो सिर्फ एडवांस है। सच कहें तो ये लोग ₹50,000 के भी लायक नहीं हैं। इनका मूल्य सिर्फ शिवसेना और टीएमसी के ब्रांड लेबल की वजह से बढ़ा है।"


मीडिया की खबरों और अफवाहों पर राउत का स्पष्टीकरण

पाला बदलने की खबरों और दिल्ली दौरों को लेकर मीडिया में चल रही रिपोर्ट्स पर भी संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में मीडिया पर निशाना साधते हुए कुछ सांसदों की स्थिति स्पष्ट की।

राउत ने कहा कि नासिक के सांसद राजाभाऊ वाजे केवल एक इंडस्ट्री कमेटी की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली गए हैं, जबकि मीडिया में इसे बिल्कुल अलग रंग देकर दिखाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने हिंगोली के सांसद नागेश अष्टेकर का हवाला देते हुए कहा कि अष्टेकर ने खुद स्पष्ट किया है कि वे हिंगोली में ही मौजूद हैं, और विरोधी दल राजनीतिक लाभ के लिए उनके फर्जी हस्ताक्षर तक बना सकते हैं।

संजय राउत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग भी पर्दे के पीछे से इस तरह की साजिशें रच रहे हैं, उन्हें इस बार महाराष्ट्र की जनता और शिवसैनिक किसी भी कीमत पर बख्शने वाले नहीं हैं।

महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों से पहले नेताओं के बीच की यह 'ट्विटर वॉर' साफ दर्शाती है कि राज्य में गठबंधन और दलों के भीतर आंतरिक हलचल तेज है। जहां एक तरफ विपक्षी दल अपनी एकजुटता का दावा कर रहे हैं और सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों व धनबल के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सांसदों के दौरों को लेकर संशय बरकरार है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इन दावों में कितनी सच्चाई है और महाराष्ट्र की राजनीति क्या नया मोड़ लेती है।

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