NEET विवाद: जंतर-मंतर पर छात्रों का फूटा गुस्सा, अभिजीत दीपके ने किसानों से मांगी मदद; बोले— 'जब आप लड़ रहे थे, हम साथ थे, अब हमारी बारी'

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (National Eligibility cum Entrance Test) में कथित धांधली, पेपर लीक और परिणामों में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का गुस्सा अब सड़कों पर पूरी तरह से फूट पड़ा है। देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक धरना स्थल 'जंतर-मंतर' पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर छात्र नेता और एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) का एक बेहद भावुक और आक्रामक भाषण तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इस पूरे आंदोलन को एक नया मोड़ दे दिया है।

NEET विवाद: जंतर-मंतर पर छात्रों का फूटा गुस्सा, अभिजीत दीपके ने किसानों से मांगी मदद; बोले— 'जब आप लड़ रहे थे, हम साथ थे, अब हमारी बारी'

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए भाषण में अभिजीत दीपके पूरे भारत के किसान भाइयों से छात्रों के समर्थन में आगे आने की जोरदार अपील कर रहे हैं।

भाषण में बोले अभिजीत दीपके: 'छात्रों पर हमला हो रहा है, व्यवस्था बर्बाद हो रही है'

वायरल वीडियो में अभिजीत दीपके बेहद भावुक, आक्रामक और जोश से भरे अंदाज में नजर आ रहे हैं। हवा में मुट्ठी तानते हुए और हाथ जोड़कर अपील करते हुए उन्होंने देश के किसान आंदोलन और मौजूदा छात्र संकट को आपस में जोड़ा।


अभिजीत दीपके ने अपने भाषण में कहा:
"जब किसान अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे थे, तब हम छात्र उनके साथ खड़े हुए थे। हमने उनका साथ दिया। आज हमारे छात्रों पर हमला हो रहा है, शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो रही है, NEET जैसी परीक्षाओं में धांधली हो रही है, छात्र आत्महत्या कर रहे हैं। आज किसानों का समय है कि वे छात्रों के साथ खड़े हों। पूरे भारत के किसान भाइयों से अपील है — जंतर मंतर आइए, छात्रों के साथ खड़े होइए। जब आप लड़ रहे थे तो हम आपके साथ थे, आज हमारी बारी है, आप हमारा साथ दो। एकजुटता दिखाओ, आओ और लड़ो! हम डरने वाले नहीं हैं।"

उनके इस भाषण के दौरान जंतर-मंतर पर मौजूद सैकड़ों छात्रों ने भी उनके सुर में सुर मिलाया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दीपके बार-बार "आओ", "खड़े हो", और "साथ दो" जैसे शब्दों पर विशेष जोर दे रहे हैं, जो युवाओं के भीतर छिपे गहरे आक्रोश और लाचारी को बयां करता है।

किसान-छात्र एकजुटता: आंदोलन को नई दिशा देने की कोशिश

अभिजीत दीपके का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। याद दिला दें कि दिल्ली की सीमाओं पर हुए ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दौरान देश भर के छात्र संगठनों, युवाओं और यूनिवर्सिटीज के छात्रों ने किसानों के लंगर से लेकर उनके वैचारिक समर्थन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

अब जब NEET परीक्षा के आयोजन, ग्रेस मार्क्स विवाद और पेपर लीक के आरोपों के कारण देश के लाखों छात्र और उनके माता-पिता मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, तब छात्र समुदाय को भी उसी देशव्यापी समर्थन की उम्मीद है। दीपके की इस अपील का सीधा मकसद किसानों के विशाल नेटवर्क और उनकी संगठित ताकत को छात्रों के इस 'शिक्षा बचाओ' आंदोलन से जोड़ना है। सोशल मीडिया पर नेटिजन्स का कहना है कि अगर देश का अन्नदाता (किसान) और देश का भविष्य (छात्र) एक साथ मंच पर आ गए, तो सरकार के लिए इस आंदोलन को दबाना नामुमकिन हो जाएगा।

NEET विवाद और छात्रों की प्रमुख मांगें

जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन में केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि देश भर के विभिन्न हिस्सों से आए पीड़ित छात्र और अभिभावक शामिल हैं। छात्रों का आरोप है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की लापरवाही के कारण लाखों ईमानदार छात्रों का भविष्य अंधकार में लटक गया है।

प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
  • NEET परीक्षा की निष्पक्ष जांच या दोबारा परीक्षा: छात्र और अभिभावक मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच हो या फिर से पूरी परीक्षा (Re-NEET) पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाए।
  • शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: जंतर-मंतर पर लगे पोस्टरों और नारों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार गूंज रही है। छात्रों का कहना है कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।
  • NTA को भंग करना: देश की बड़ी परीक्षाओं में लगातार आ रही गड़बड़ियों को देखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय करने और इसे पूरी तरह से पुनर्गठित या भंग करने की मांग उठ रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, मिल रहा भारी समर्थन

ट्विटर (अब X) पर शेयर किए जाने के बाद से ही अभिजीत दीपके का यह वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है। देश के विभिन्न कोनों से लोग इस वीडियो को रीट्वीट कर रहे हैं और 'किसान-छात्र एकता जिंदाबाद' के नारे लगा रहे हैं। कई यूजर का कहना है कि परीक्षाओं में हो रही धांधली केवल छात्रों की समस्या नहीं है, बल्कि उन गरीब और मध्यमवर्गीय माता-पिता की भी समस्या है जो पेट काटकर अपने बच्चों को कोटा या अन्य शहरों में पढ़ाते हैं।

इस वीडियो के सामने आने के बाद अब देखना यह होगा कि देश के बड़े किसान संगठन जैसे संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) या अन्य किसान नेता इस अपील पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। यदि किसान इस आंदोलन में शामिल होते हैं, तो आने वाले दिनों में दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।

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