NEET UG 2026: एक तरफ जंतर-मंतर पर 'किसान-छात्र एकजुटता' की हुंकार, दूसरी तरफ परीक्षा से पहले शिक्षा मंत्री बोले— 'डरें नहीं, आत्मविश्वास से दें एग्जाम'

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर चल रहा विवाद अब अपने सबसे संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। आज रविवार को जहां देश भर के परीक्षा केंद्रों पर करीब 22 लाख छात्र कड़े सुरक्षा घेरे और भारी तनाव के बीच दोबारा आयोजित हो रही नीट परीक्षा (Re-Exam) में शामिल हो रहे हैं, वहीं देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ सड़कों पर छात्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, तो दूसरी तरफ सरकार परीक्षा को बिना किसी रुकावट के पूरी पारदर्शिता से कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।

NEET UG 2026: एक तरफ जंतर-मंतर पर 'किसान-छात्र एकजुटता' की हुंकार, दूसरी तरफ परीक्षा से पहले शिक्षा मंत्री बोले— 'डरें नहीं, आत्मविश्वास से दें एग्जाम'

इस पूरे घटनाक्रम के बीच दो तस्वीरें बेहद अहम हो गई हैं। पहली तस्वीर जंतर-मंतर से आई है, जहां छात्र नेता अभिजीत दीपके का एक आक्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है, जिसमें वे देश के किसानों से छात्रों के हक में खड़े होने की अपील कर रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीर शिक्षा मंत्रालय से है, जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा से ठीक पहले छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें निडर होकर परीक्षा देने का संदेश दिया है।

अभिजीत दीपके का जंतर-मंतर से आह्वान: 'जब किसान संकट में थे, छात्र साथ थे; अब हमारी बारी'

दिल्ली के ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से विभिन्न छात्र संगठनों और पीड़ित अभिभावकों का डेरा है। इस प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता अभिजीत दीपके का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वे देश के अन्नदाताओं से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

अभिजीत दीपके ने अपने भाषण में देश के ऐतिहासिक किसान आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि जब देश के किसान अपने अधिकारों के लिए दिल्ली की सीमाओं पर कड़ाके की ठंड और धूप में लड़ रहे थे, तब देश के छात्रों और युवाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर उनका साथ दिया था। आज स्थिति उलट है; आज देश की शिक्षा व्यवस्था पर हमला हो रहा है, NEET जैसी परीक्षाओं में धांधली के कारण होनहार छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हैं। दीपके ने पूरे भारत के किसान भाइयों से अपील की कि वे जंतर-मंतर आएं और छात्रों के इस आंदोलन को अपनी ताकत दें ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। जानकारों का मानना है कि अगर किसान संगठन इस आंदोलन में कूदते हैं, तो यह प्रदर्शन देशव्यापी रूप ले सकता है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संदेश: 'व्यवस्था पर भरोसा रखें, डरें नहीं'

दूसरी तरफ, परीक्षा के दिन छात्रों के भीतर फैले तनाव और डर को भांपते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया के माध्यम से देश के लाखों छात्र-छात्राओं से बेहद भावुक अपील की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश के होनहार छात्रों को किसी भी प्रकार के डर, संशय या मानसिक दबाव में आने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें पूरी ताकत और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश करना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी छात्र अपनी मेहनत के दम पर बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।

धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा के पारदर्शी और सुरक्षित आयोजन के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), राज्य सरकारों, जिला प्रशासनों और देश के शिक्षक समुदाय पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं ताकि परीक्षा की शुचिता (Integrity) पर कोई सवाल न उठ सके। इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों और विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि संवेदनशील मौकों पर बच्चों के भविष्य के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए और किसी को भी परीक्षा से ठीक पहले भ्रम या भय का माहौल पैदा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

भीषण गर्मी और सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम

रिपोर्टों के अनुसार, जून के इस महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में जारी भीषण गर्मी और हीटवेव (Heatwave) को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों को विशेष गाइडलाइंस जारी की थीं। सभी परीक्षा केंद्रों पर ठंडे पानी की व्यवस्था, सुचारू बिजली आपूर्ति, पंखे-कूलर और अभिभावकों के बैठने के लिए छायादार स्थानों का इंतजाम अनिवार्य किया गया।

इसके साथ ही, तकनीकी मोर्चे पर इस बार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग और जैमर्स की संख्या बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह के डिजिटल या फिजिकल पेपर लीक और धांधली की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जा सके। सरकार ने साफ किया है कि छात्रों के अकादमिक कैलेंडर और उनके करियर में किसी भी तरह की देरी नहीं होने दी जाएगी।

NEET UG 2026 की यह परीक्षा केवल छात्रों के डॉक्टर बनने के सपने की परीक्षा नहीं है, बल्कि यह देश की परीक्षा प्रणाली और टेस्टिंग एजेंसियों की साख की भी अग्निपरीक्षा है। जहां एक तरफ सरकार पुख्ता दावों के साथ छात्रों को शांत करने और व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है, वहीं छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता इस लड़ाई को संसद से लेकर सड़क तक ले जाने के मूड में हैं। अब सबकी नजरें आज संपन्न होने वाली परीक्षा के बाद आने वाले नतीजों और जंतर-मंतर पर जुटने वाली भीड़ पर टिकी हैं।

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