BJP को बड़ा झटका: शहज़ाद पूनावाला ने दिया इस्तीफा; जानें वजह

भारतीय राजनीति और टीवी डिबेट्स के एक प्रमुख और चर्चित चेहरे शहज़ाद पूनावाला को लेकर आ रही अटकलों पर विराम लग गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शहज़ाद पूनावाला ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अपना त्यागपत्र सौंपते हुए इस फैसले के पीछे पूरी तरह से व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है।

शहज़ाद पूनावाला का यह कदम भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के लिहाज से एक चौंकाने वाला फैसला माना जा रहा है, क्योंकि वे लंबे समय से टीवी चैनलों और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी की नीतियों और फैसलों का पुरजोर बचाव करते नजर आ रहे थे।

X बायो से हटा बीजेपी का नाम, दिया बड़ा संकेत

इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि से ठीक पहले शहज़ाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपने प्रोफाइल बायो में अचानक बड़ा बदलाव किया था। उन्होंने अपने बायो से "राष्ट्रीय प्रवक्ता, बीजेपी" का पदनाम पूरी तरह से हटा दिया।

अपडेट किए गए नए बायो का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए उन्होंने लिखा,
"धर्म: इस्लाम, संस्कृति: हिंदू, विचारधारा: भारतीय, लेखक: GST की यात्रा"।


इसके साथ ही उन्होंने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'आजीवन अनुयायी' (Lifelong follower of PM Narendra Modi) बताया है।

सक्रिय राजनीति से दूरी और समाज सेवा का मन

अपने इस्तीफे के बाद शहज़ाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर अपने कुछ पुराने इंटरव्यू के वीडियो क्लिप्स री-शेयर किए। इन वीडियो में वे राजनीति और सामाजिक दायित्वों पर खुलकर बात करते दिख रहे हैं।

पूनावाला के मुताबिक, राजनीतिक योगदान का मतलब केवल चुनाव जीतना या सांसद-विधायक बनना ही नहीं होता। एक व्यक्ति बिना किसी चुनावी पद पर रहे भी देश और समाज के लिए बहुत कुछ कर सकता है। उन्होंने कहा कि वे सत्ता या पद के लालच में राजनीति में नहीं आए थे। उनका मुख्य लक्ष्य नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार एनडीए सरकार का गठन देखना था, जो पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने का मन साल 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद ही बना चुके थे, लेकिन संगठनात्मक जिम्मेदारियों के कारण इसमें दो साल की देरी हुई।

कांग्रेस से बगावत से बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तक का सफर

शहज़ाद पूनावाला की राजनीतिक यात्रा काफी मुखर और उतार-चढ़ाव भरी रही है। वे मूल रूप से कांग्रेस पार्टी में सक्रिय थे। हालांकि, दिसंबर 2017 में कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद कर दिया था। उन्होंने कांग्रेस पर वंशवाद और चुनावी प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी।

इसके बाद उन्होंने 2021 में आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली और अपनी बेहतरीन वाकपटुता के दम पर जल्द ही पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद पर आसीन हुए। बीजेपी में रहते हुए वे विपक्षी दलों पर आक्रामक हमलों और तर्कों के लिए जाने जाते रहे।

आगे का रास्ता और राजनीतिक गलियारों में हलचल

शहज़ाद पूनावाला के अचानक पद से इस्तीफा देने और सक्रिय राजनीति को अलविदा कहने के फैसले ने देश के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। यद्यपि उन्होंने पीएम मोदी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, लेकिन चुनावी और दलीय राजनीति से बाहर निकलकर वे अपनी अगली भूमिका किस रूप में निभाएंगे, इस पर मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों की नज़रें टिकी हुई हैं।

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