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| पाटलिपुत्र जंक्शन पर परीक्षार्थियों का भारी बवाल, ट्रेन में देरी पर पथराव और तोड़फोड़ | 14 जून, 2026 |
ट्रेन लेट होने पर भड़का छात्रों का गुस्सा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में छात्र पाटलिपुत्र जंक्शन पहुंचे थे। परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचने के लिए छात्र ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे, लेकिन परीक्षा स्पेशल और अन्य संबंधित ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देर से चल रही थीं।ट्रेनों के लेट होने के कारण छात्रों में यह डर बैठ गया कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से नहीं पहुंच पाएंगे और उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। छात्रों की भारी भीड़ के मुकाबले ट्रेनों की संख्या बेहद कम थी। इसी बात से आक्रोशित होकर आधी रात के करीब हजारों छात्र रेलवे ट्रैक पर उतर आए और उन्होंने ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप कर दिया।
स्टेशन पर जमकर की तोड़फोड़ और पत्थरबाजी
शुरुआत में छात्रों ने रेलवे ट्रैक जाम कर नारेबाजी की। प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने जब उन्हें समझाने और ट्रैक खाली कराने की कोशिश की, तो माहौल और अधिक बिगड़ गया। कुछ 'असामाजिक तत्वों' ने खड़ी ट्रेनों की वैक्यूम पाइप खींचकर और चेन पुलिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद भीड़ हिंसक हो उठी और रेलवे स्टेशन के साथ-साथ परीक्षा स्पेशल ट्रेन में भी जमकर तोड़फोड़ की गई।स्टेशन परिसर में स्थित दुकानों, वेंडिंग स्टॉलों और रेलवे की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हजारों की संख्या में मौजूद छात्रों ने चारों तरफ से बड़े-बड़े पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। स्टेशन के आसपास स्थित दुकानों के शीशे और शटर पूरी तरह चकनाचूर हो गए। दुकानदारों ने किसी तरह छिपकर अपनी जान बचाई।
पुलिस पर हमला, कई जवान हुए घायल
हंगामे, पथराव और रेल चक्का जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की भारी टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब उपद्रव कर रहे अभ्यर्थियों को खदेड़ने का प्रयास किया, तो भीड़ ने पुलिस टीम को ही निशाना बना लिया और उन पर ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया।इस हिंसक झड़प में भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे कई पुलिसकर्मी और सुरक्षा जवान पत्थरों की चपेट में आने से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपद्रवियों ने परीक्षा स्पेशल ट्रेन को भी काफी नुकसान पहुंचाया। हालात बेकाबू होते देख सुरक्षा बलों को सुरक्षात्मक रवैया अपनाते हुए हल्के बल (लाठीचार्ज) का प्रयोग करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग भी की गई।
जिला प्रशासन और जिलाधिकारी का बयान
घटना के बाद पटना के जिलाधिकारी (DM) डॉ. चंद्रशेखर सिंह थियागराजन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पूरी रात वरिष्ठ अधिकारी स्टेशन पर कैंप करते रहे।मामले की जानकारी देते हुए पटना के जिलाधिकारी ने बताया:
आधी रात के आसपास हमें सूचना मिली थी कि पाटलिपुत्र जंक्शन पर कुछ लोग हंगामा कर रहे हैं। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से बार-बार शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की ताकि परीक्षा देने जा रहे अन्य छात्रों को असुविधा न हो। हालांकि, कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर चेन पुलिंग की और विशेष ट्रेनों की मांग को लेकर हंगामा जारी रखा, जबकि प्रशासन की ओर से पहले ही दो विशेष ट्रेनें उपलब्ध कराई जा चुकी थीं। हंगामा कर रहे लोग अन्य छात्रों को भी जाने से रोक रहे थे, जिसके कारण पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
स्थिति अब नियंत्रण में, ट्रेन परिचालन बहाल
रेलवे और जिला प्रशासन के कड़े रुख और सूझबूझ के बाद तड़के सुबह स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया। प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को समझा-बुझाकर पटरियों से हटाया और परीक्षा केंद्रों की ओर जाने वाले छात्रों के लिए विशेष ट्रेनों और वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था की ताकि कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित न रह जाए।फिलहाल पाटलिपुत्र जंक्शन पर स्थिति पूरी तरह सामान्य है और सभी ट्रेनों का परिचालन सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर स्टेशन परिसर और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमला करने वाले उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
