
कैसे घटी यह खौफनाक घटना?
यह दर्दनाक वाकया रविवार, 14 जून की शाम करीब 7:30 बजे का है। संचिता नालासोपारा ईस्ट के आचोले गांव की 'साईं संतोषी बिल्डिंग' में अपने माता-पिता और एक छोटी बहन के साथ रहती थीं। घटना के वक्त घर के कुछ सदस्य बाजार गए हुए थे। संचिता अपने बेडरूम में अकेली थीं। जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई।आवाज देने और खटखटाने पर भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो परिवार ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा। अंदर का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया—संचिता पंखे से साड़ी के फंदे पर लटकी हुई थीं। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आचोले पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
"हमें समझ नहीं आ रहा..." — दादाजी का रोता हुआ बयान
इस झकझोर देने वाली घटना के बाद संचिता के पैतृक गांव और मुंबई स्थित घर में कोहराम मचा हुआ है। सबसे ज्यादा दर्दनाक स्थिति उनके बुजुर्ग दादाजी की है, जो अपनी लाडली पोती की कामयाबी पर फख्र महसूस करते थे। रोते-बिलखते हुए उन्होंने जो बयान दिया, वह किसी भी संवेदनशील दिल को झकझोरने के लिए काफी है।"हम तो अभी तक समझ ही नहीं पा रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हो गया? वह इतनी हिम्मतवाली लड़की थी। कुछ दिन पहले ही उसने हमसे हंसकर बात की थी। घर में कोई परेशानी नहीं थी, सब कुछ बिल्कुल सामान्य चल रहा था। वह अपने करियर में आगे बढ़ रही थी, फिर अचानक उसके दिमाग में ऐसा क्या आया कि उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया? हमारी तो पूरी दुनिया ही उजड़ गई। भगवान ऐसा दिन किसी दुश्मन को भी न दिखाए।"दादाजी के इस बयान ने साफ कर दिया है कि संचिता अपने भीतर किसी ऐसे तूफान से जूझ रही थीं, जिसकी भनक उन्होंने अपने परिवार तक को नहीं लगने दी।
भाई का सनसनीखेज आरोप: सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जोड़ा कनेक्शन
जहां एक तरफ पुलिस इसे अवसाद (Depression) का मामला मानकर जांच कर रही है, वहीं संचिता के चचेरे भाई आकाश सतीश उगले ने मीडिया के सामने आकर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। आकाश ने संचिता की मौत की सीधी तुलना साल 2020 में हुई अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या से की है।आकाश ने आरोप लगाते हुए कहा, "ठीक इसी तारीख (14 जून) को सुशांत सिंह राजपूत ने भी सुसाइड किया था क्योंकि उन पर बॉलीवुड का भारी दबाव था। आज मेरी बहन भी उसी का शिकार हुई है। यह इंडस्ट्री बाहर से जितनी खूबसूरत दिखती है, अंदर से उतनी ही डरावनी और खोखली है। यहां गॉडफादर के बिना आने वाले मिडिल क्लास के बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित (Harass) किया जाता है। कास्टिंग सर्किट के कुछ लोग और ग्रुप्स मिलकर नए कलाकारों का शोषण करते हैं, उन्हें काम के बदले समझौते के लिए मजबूर करते हैं। मेरी बहन भी इसी घिनौने पावर गेम और दबाव की शिकार हुई है।"
भाई ने पुलिस से संचिता के एक सीक्रेट इंस्टाग्राम अकाउंट और फोन चैट्स की गहनता से जांच करने की मांग की है।
सोशल मीडिया पर आखिरी रील: 19 घंटे पहले की वो मुस्कान
संचिता की आत्महत्या का रहस्य इसलिए भी गहरा गया है क्योंकि मौत से महज 19 घंटे पहले उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक रील पोस्ट की थी।![]() |
| संचिता की आखिरी वीडियो से ली गई तस्वीर | इंस्टाग्राम: @sanchita_ugale |
इस वीडियो में वह पारंपरिक लिबास में मुस्कुराते हुए एक गाने पर डांस करती और एक्सप्रेशंस देती नजर आ रही थीं। उस मुस्कान के पीछे इतना गहरा दर्द छिपा होगा, इसका अंदाजा उनके लाखों फैंस और को-स्टार्स को भी नहीं था। उनकी आखिरी पोस्ट पर अब 'क्यों संचिता?' जैसे कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। टीवी इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकारों ने इस पर दुख जताया है।
संचिता का करियर ग्राफ: एक उभरता सितारा जो असमय डूब गया
महज 22 साल की उम्र में दुनिया छोड़ जाने वाली संचिता उगले मनोरंजन जगत में तेजी से अपने कदम बढ़ा रही थीं। उन्होंने छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया था:- कुमकुम भाग्य: जीटीवी के इस सुपरहिट शो में उन्होंने 'दिया टंडन' का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाई थी।
- दिलवाली दूल्हा ले जाएगी: दंगल टीवी के इस शो में संचिता ने मुख्य अभिनेत्री (Lead Actress) के तौर पर 'सुकून' का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला।
- वागले की दुनिया: सोनी सब के इस मशहूर शो में भी वह 'रुचिता जैतली' के रूप में नजर आई थीं।
- फिल्मों में एंट्री: टीवी के बाद वे बड़े पर्दे पर छाने के लिए तैयार थीं। उन्होंने मनोज बाजपेयी की फिल्म 'साइलेंस 2' और विक्की कौशल की फिल्म 'छावा' (Chhaava) में अहम भूमिका निभाई थी।
आगे क्या?
संचिता की मौत के बाद 'ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन' (AICWA) ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है। एसोसिएशन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जाए, जो इस बात का पता लगाए कि क्या संचिता को काम के बदले प्रताड़ित किया जा रहा था या किसी ने उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाया था।फिलहाल, पुलिस संचिता के मोबाइल फोन, कॉल डिटैल्स, व्हाट्सएप चैट्स और उनके करीबी दोस्तों के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मायानगरी की इस चमकीली दुनिया के पीछे डिप्रेशन, अकेलापन और शोषण का एक ऐसा दलदल है, जो हर साल कई युवा प्रतिभाओं को लील जाता है।
