
रिकॉर्ड तोड़ लिस्टिंग और बाजार में तहलका
स्पेसएक्स ने नैस्डैक (Nasdaq) पर $135 प्रति शेयर की शुरुआती कीमत के साथ 55.5 करोड़ से अधिक शेयर जारी किए। कंपनी ने इस आईपीओ के जरिए बाजार से सीधे तौर पर $75 बिलियन (75 अरब डॉलर) जुटाए, जो कि इतिहास में किसी भी कंपनी द्वारा आईपीओ के माध्यम से जुटाई गई सबसे बड़ी रकम है।जैसे ही बाजार खुला, निवेशकों के बीच स्पेसएक्स के शेयरों को खरीदने की होड़ मच गई।
- धमाकेदार शुरुआत: ट्रेडिंग के पहले ही मिनटों में शेयर $135 से उछलकर $150 पर खुला।
- उच्चतम स्तर: दिन के कारोबार के दौरान यह $176 के रिकॉर्ड स्तर तक जा पहुंचा।
- क्लोजिंग प्राइस: बाजार बंद होने तक शेयर $160.95 पर सेटल हुआ, जो इसके इश्यू प्राइस से लगभग 20% अधिक है।
एलन मस्क: दुनिया के पहले 'ट्रिलियनेयर'
इस आईपीओ की सफलता ने इसके संस्थापक एलन मस्क को एक ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया है, जहां आज तक इतिहास का कोई भी उद्योगपति नहीं पहुंच सका। स्पेसएक्स में मस्क की हिस्सेदारी लगभग 42% से 50% के बीच आंकी गई है।फोर्ब्स और ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, टेस्ला में उनके $300 बिलियन के शेयर और स्पेसएक्स की इस $2.1 ट्रिलियन की नई वैल्यूएशन को मिलाकर एलन मस्क की कुल व्यक्तिगत संपत्ति $1.1 ट्रिलियन (1100 अरब डॉलर) को पार कर गई है। इसके साथ ही मस्क आधिकारिक तौर पर दुनिया के पहले 'ट्रिलियनेयर' (शंखपति) बन गए हैं। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि मस्क की यह संपत्ति इतिहास के सबसे अमीर व्यक्ति जॉन डी. रॉकफेलर की संपत्ति (मुद्रास्फीति को समायोजित करने के बाद) से भी अधिक हो चुकी है।
रातों-रात करोड़पति बने 4,400 से अधिक कर्मचारी
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में इस आईपीओ के एक बेहद मानवीय और दिलचस्प पहलू को उजागर किया गया है। स्पेसएक्स की इस कामयाबी ने न केवल मस्क को अमीर बनाया, बल्कि कंपनी के 4,400 से अधिक वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों को भी रातों-रात करोड़पति (Millionaires) बना दिया है।कंपनी ने शुरुआती दिनों से ही अपने इंजीनियरों, तकनीशियनों और प्रबंधन टीम को 'स्टॉक ऑप्शंस' (Equity) दिए थे। आज उन कागजी शेयरों की कीमत करोड़ों में बदल चुकी है:
- सेंटी-मिलियनेयर: लगभग 400 कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी संपत्ति अब $100 मिलियन (10 करोड़ डॉलर) या उससे अधिक हो गई है।
- कर्मचारियों की कहानियां: रिपोर्ट में ट्रेवर हाइस नामक एक कर्मचारी का उदाहरण दिया गया है, जो 2011 में कॉलेज पास आउट होते ही स्पेसएक्स से जुड़े थे। उनके पास मौजूद 1 लाख शेयरों की कीमत अब $13.5 मिलियन (लगभग 112 करोड़ रुपये) से अधिक हो गई है।
निवेशकों के इस भारी उत्साह के पीछे की वजह
आमतौर पर घाटे में चल रही कंपनियों के आईपीओ को लेकर बाजार सतर्क रहता है, लेकिन स्पेसएक्स के मामले में कहानी पूरी तरह अलग थी। इसके पीछे मुख्य वजह मस्क की दूरगामी रणनीतियां हैं:- AI और स्पेस का महा-गठबंधन: आईपीओ से ठीक पहले मस्क ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप xAI और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) को स्पेसएक्स के साथ मर्ज (विलय) करने का साहसिक कदम उठाया। निवेशकों ने इसे केवल रॉकेट उड़ाने वाली कंपनी के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे 'एयरोस्पेस, स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट और एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर' के एक अजेय संयोजन के रूप में स्वीकार किया।
- भविष्य का विजन: मस्क ने घोषणा की है कि आईपीओ से जुटाए गए $75 बिलियन का इस्तेमाल मुख्य रूप से मंगल ग्रह (Mars) पर मानव बस्ती बसाने की योजनाओं को गति देने और अंतरिक्ष में 'ऑर्बिटल एआई डेटा सेंटर्स' स्थापित करने के लिए किया जाएगा।
आलोचना और भविष्य की चुनौतियां
भले ही वॉल स्ट्रीट पर इस समय जश्न का माहौल हो, लेकिन वाशिंगटन और वित्तीय विश्लेषकों के एक वर्ग में इसे लेकर गहरी चिंताएं भी हैं।अमेरिकी सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन और बर्नी सैंडर्स ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आलोचकों का कहना है कि स्पेसएक्स ने पिछले साल $4.3 बिलियन का ऑपरेटिंग लॉस (परिचालन घाटा) दर्ज किया था। ऐसे में इतनी भारी वैल्यूएशन एक 'सट्टा बबल' (Speculative Bubble) हो सकती है। इसके अलावा, एक ही व्यक्ति (एलन मस्क) के हाथों में वैश्विक उपग्रह संचार, अंतरिक्ष परिवहन, एआई और इतनी बड़ी वित्तीय शक्ति का केंद्रित होना लोकतांत्रिक व्यवस्था और बाजार की प्रतिस्पर्धा के लिए एक बड़ा जोखिम पैदा कर सकता है।
हालांकि, तमाम आलोचनाओं और जोखिमों के बावजूद, 12 जून 2026 की यह तारीख इतिहास में दर्ज हो चुकी है। स्पेसएक्स का यह आईपीओ सिर्फ शेयर बाजार की एक घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रतीक है कि अब पूंजीवाद का अगला मोर्चा पृथ्वी की सीमाओं को लांघकर अंतरिक्ष और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अनंत विस्तार में प्रवेश कर चुका है।