
राफेल और अपाचे समेत कई घातक लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव
16 दिसंबर 1989 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त करने वाले एयर मार्शल जसवीर सिंह मान का करियर बेहद शानदार रहा है। वे एक क्वालिफाइड पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर हैं और उन्हें देश के सबसे घातक लड़ाकू विमानों व हेलीकॉप्टरों को उड़ाने का महारत हासिल है। उनके पास विभिन्न प्रकार के अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट पर 3000 घंटे से भी अधिक उड़ान भरने का विशाल अनुभव है, जिसमें उन्होंने राफेल, सुखोई-30, मिग-29, जगुआर, मिग-21 और खतरनाक अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर जैसे विमानों को आसमान में दौड़ाया है।उच्च शिक्षा और रणनीतिक पदों का बेहतरीन सफर
एयर मार्शल मान ने देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। वे डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और हायर एयर कमान के पूर्व छात्र रहे हैं, साथ ही उन्होंने लंदन (यूके) के मशहूर रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से स्नातकोत्तर की डिग्री भी हासिल की है। लगभग चार दशकों के अपने सेवा करियर में उन्होंने वायुसेना को कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर नेतृत्व दिया है। उन्होंने न सिर्फ एक फाइटर स्क्वाड्रन और प्रमुख फाइटर बेस की कमान संभाली, बल्कि वे एयर डिफेंस कमांडर और एक कमान में प्रशासनिक प्रभारी सीनियर ऑफिसर की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।वायुसेना मुख्यालय में अपनी सेवाओं के दौरान उन्होंने असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ ऑपरेशन्स (ऑफेंसिव) और डायरेक्टर जनरल (वेपन सिस्टम्स) जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। इस नई नियुक्ति से ठीक पहले, वे पश्चिमी वायु कमान में वरिष्ठ एयर स्टाफ ऑफिसर के पद पर तैनात थे, जहाँ उन्होंने कई क्षेत्रों में भारतीय सेनाओं की संयुक्त ऑपरेशनल क्षमता को बेहतर बनाने में बड़ा योगदान दिया।
एयर मार्शल मनीष खन्ना की ली जगह
अपनी मौजूदा नियुक्ति के साथ एयर मार्शल जसवीर सिंह मान ने एयर मार्शल मनीष खन्ना का स्थान लिया है, जिन्हें उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और वायु सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। एयर मार्शल मनीष खन्ना देश की चार दशकों तक शानदार और गौरवशाली सेवा पूरी करने के बाद 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए हैं।हिंद महासागर क्षेत्र और देश की दक्षिणी सीमाओं की सुरक्षा के लिहाज से दक्षिणी वायु कमान का पद बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में एयर मार्शल जसवीर सिंह मान जैसे अनुभवी फाइटर पायलट और रणनीतिकार का इस पद पर आना भारतीय वायुसेना की ताकत, निगरानी और परिचालन तैयारियों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।