अंबाला में गरमाया माहौल: गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज

हरियाणा के अंबाला में गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब के बाहर हुई हिंसक घटना और प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। लुधियाना निवासी और इंटरनेशनल एंटी-खालिस्तानी टेररिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे भवजोत सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास का आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। पंजोखरा साहिब क्षेत्र में घटी इस घटना के बाद से ही इलाके में काफी तनाव बना हुआ था। सिख समुदाय के विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा लगातार पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा था कि गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। इस घटनाक्रम के बाद हरियाणा पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है।

गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज, अंबाला पुलिस की बड़ी कार्रवाई
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जानिए क्या है पूरा विवाद और गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब के बाहर का घटनाक्रम

यह पूरा विवाद गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब के बाहर उस समय शुरू हुआ जब गुरु हरकिशन साहिब जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे हुए थे। इसी दौरान गुरसिमरन सिंह मंड अपनी निजी गाड़ी और सुरक्षा कर्मियों के काफिले के साथ वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों और सिख संगठनों का आरोप है कि संगत की भारी भीड़ के बीच गुरसिमरन मंड ने अपनी गाड़ी को पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के रास्ते में घुसा दिया। इस वजह से वहां मौजूद भीड़ और सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जिसने जल्द ही एक बड़े हिंसक टकराव का रूप ले लिया।

सिख संगठनों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, भीड़भाड़ वाले रास्ते पर गाड़ी ले जाने के कारण एक श्रद्धालु गाड़ी की चपेट में आ गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी टांग में फ्रैक्चर हो गया। इसी घटना से गुस्साए लोगों और मंड के बीच जमकर हाथापाई और ईंट-पत्थरबाजी हुई। इस दौरान गुरसिमरन सिंह मंड की कार के शीशे तोड़ दिए गए और वाहन को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर, गुरसिमरन सिंह मंड ने अपना पक्ष रखते हुए आरोप लगाया था कि उन पर पूर्व नियोजित साजिश के तहत जानलेवा हमला किया गया और कुछ उपद्रवियों ने उनके तथा उनके बेटे के साथ बुरी तरह मारपीट की।

सिख संगठनों का उग्र प्रदर्शन और नेशनल हाईवे पर जाम

घटना के अगले ही दिन से सिख समुदाय में गहरा असंतोष फैल गया। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों, अकाली दल के नेताओं और विभिन्न सिख जत्थेबंदियों ने पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे। जब पुलिस ने हमले के आरोप में दो स्थानीय युवकों को हिरासत में लेकर न्यायिक हिरासत में भेजा, तो सिख समुदाय का गुस्सा और बढ़ गया। उनका कहना था कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है और उस व्यक्ति के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं कर रही जिसकी गाड़ी से श्रद्धालु घायल हुआ था।

इसके विरोध में सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी अंबाला-देहरादून नेशनल हाईवे और बाद में अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जब तक गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज नहीं किया जाता और गिरफ्तार युवकों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। स्थिति को बेकाबू होता देख पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया, जिससे इलाके में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।

पुलिस की कार्रवाई और केस दर्ज होने के बाद की स्थिति

चारों तरफ से बढ़ते जन दबाव और निष्पक्ष जांच के दावों के बीच अंबाला पुलिस ने आखिरकार शिकायतकर्ताओं के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गुरसिमरन सिंह मंड और उनके पुत्र भवजोत सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस एफआईआर में हत्या के प्रयास जैसी गंभीर आपराधिक धाराएं शामिल की गई हैं।

अंबाला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना स्थल के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि दोनों पक्षों के दावों की निष्पक्षता से जांच हो। जिस वाहन से हादसा हुआ था, उसकी तकनीकी जांच भी कराई जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि घटना महज एक दुर्घटना थी या जानबूझकर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया गया था।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात

इस संवेदनशील मामले को देखते हुए अंबाला और आसपास के जिलों में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क मोड़ पर है। गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब और राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनातियां की गई हैं। अंबाला पुलिस ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी और मामले में निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।

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