पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय एंड्रयूज गंज में 'राष्ट्रीय एकता पर्व 2026': सांस्कृतिक विविधता और बाल प्रतिभा का अद्भुत महासंगम

राजधानी नई दिल्ली के प्रतिष्ठित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय एंड्रयूज गंज में संकुल-स्तरीय 'राष्ट्रीय एकता पर्व 2026' का भव्य एवं सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस विशेष आयोजन ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, विविध कलाओं और भावी पीढ़ी की अद्वितीय रचनात्मकता को एक मंच पर ला खड़ा किया। केंद्रीय विद्यालय संगठन की यह अभिनव पहल न केवल राष्ट्रीय एकीकरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा एनसीएफ-एसई 2023 के मूल सिद्धांतों के अनुरूप अनुभवात्मक शिक्षा को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने का एक जीवंत माध्यम बनी। पूरे प्रांगण में विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों का उत्साह और भारतीय संस्कृति के विविध रंग स्पष्ट रूप से झलक रहे थे।

PM Shri KV Andrews Ganj Rashtriya Ekta Parv 2026: देश की सांस्कृतिक विविधता का महासंगम
फोटो सोर्स: मोहम्मद अतहर उद्दीन 'मुन्ने भारती'

राष्ट्रीय एकीकरण और अनुभवात्मक शिक्षा पर विशेष जोर

राष्ट्रीय एकता पर्व 2026 केवल एक सांस्कृतिक उत्सव भर नहीं था, बल्कि यह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और भारत की अवधारणा को गहराई से समझने की एक शैक्षिक यात्रा साबित हुआ। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा आयोजित इस संकुल-स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य ध्येय विद्यार्थियों में 'विविधता में एकता' की भावना को रोपित करना था। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में जिस व्यावहारिक और अनुभवात्मक शिक्षण की वकालत की गई है, उसे इस आयोजन के माध्यम से साकार रूप दिया गया। छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक अभिव्यक्तियों के जरिए न केवल अपनी क्षमताओं को पहचाना, बल्कि भारत के अलग-अलग राज्यों की समृद्ध परंपराओं, लोककलाओं और ज्ञान परंपरा से भी आत्मीय परिचय प्राप्त किया।

'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के तहत सांस्कृतिक झलक

आयोजन के प्रमुख स्तंभों में से एक 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम रहा, जिसका संचालन केवीएस के आधिकारिक दिशानिर्देशों के तहत किया गया। इस खंड के अंतर्गत विद्यार्थियों ने मनमोहक समूह नृत्य और कलाकृतियों तथा परियोजनाओं की ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी में बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। देश के भिन्न-भिन्न अंचलों के पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे बच्चों की ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रदर्शनियों के माध्यम से प्राचीन भारतीय ज्ञान, स्थापत्य, शिल्पकला और लोक जीवन को प्रदर्शित किया गया, जिससे यह संदेश पूरी स्पष्टता के साथ उभरा कि भौगोलिक और भाषाई विभिन्नताओं के बावजूद संपूर्ण भारतवर्ष एक अटूट सूत्र में बंधा हुआ है।
 
PM Shri KV Andrews Ganj Rashtriya Ekta Parv 2026: देश की सांस्कृतिक विविधता का महासंगम
फोटो सोर्स: मोहम्मद अतहर उद्दीन 'मुन्ने भारती'

'कला उत्सव' में दिखी लोक और आधुनिक कला की जुगलबंदी

कार्यक्रम का दूसरा प्रमुख आकर्षण एनसीईआरटी के दिशानिर्देशों के अनुसार आयोजित 'कला उत्सव' रहा। कला उत्सव खंड में विद्यार्थियों की विविध विधाओं में प्रतिभा को परखने के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें एकल नृत्य, समूह नृत्य, 2डी पेंटिंग, 3डी कला, स्वदेशी खिलौने और खेल, रंगमंच तथा कहानी वाचन जैसी अनेक स्पर्धाएं शामिल थीं। विभिन्न विद्यालयों से पधारे प्रतिभागियों ने भारत की जड़ों और पारंपरिक कला शैलियों का उपयोग करते हुए अपनी असाधारण कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। स्वदेशी खिलौनों और खेलों की प्रदर्शनी ने भारतीय कारीगरी की सजीव झलक पेश की, वहीं रंगमंच और कहानी वाचन के जरिए बच्चों ने गंभीर सामाजिक व सांस्कृतिक विषयों को बेहद सहजता से अभिव्यक्त किया।

पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्यांकन प्रक्रिया

प्रतियोगिताओं की गरिमा, निष्पक्षता और वस्तुनिष्ठता बनाए रखने के लिए आयोजन समिति द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी। प्रदर्शन कला और दृश्य कला के क्षेत्रों से जुड़े देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और निर्णायकों के एक पैनल को मूल्यांकन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। निर्णायकों के इस दल ने पूर्व-निर्धारित कड़े मानकों और कलात्मक मानदंडों के आधार पर प्रत्येक प्रतिभागी के प्रदर्शन की बारीकी से समीक्षा की। इस पारदर्शी प्रक्रिया ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास को और बढ़ाया तथा उन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

उत्साहपूर्ण भागीदारी और प्राचार्य का संदेश

इस संकुल-स्तरीय आयोजन में दिल्ली संभाग के विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों के सैकड़ों विद्यार्थियों, शिक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक शिरकत की। संपूर्ण विद्यालय परिसर दिनभर करतल ध्वनि और सांस्कृतिक धुनों से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय एंड्रयूज गंज के प्राचार्य डॉ. विवेक यादव ने 'राष्ट्रीय एकता पर्व 2026' के सफल और भव्य आयोजन के लिए सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, समर्पित शिक्षकों, निर्णायकों और आयोजन समिति के सदस्यों के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने अपने संबोधन में विजेता विद्यार्थियों को बधाई दी और उन्हें आगामी क्षेत्रीय व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। यह आयोजन युवा शिक्षार्थियों के मन में राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला एक ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध हुआ।


रिपोर्ट: मोहम्मद अतहर उद्दीन 'मुन्ने भारती' (वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील)

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