
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गच्चीबौली पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, पहली नजर में यह मामला आत्महत्या (Suicide) का लग रहा है और शुरुआती जांच में किसी भी तरह की साजिश या फाउल प्ले (Foul Play) से इनकार किया गया है।
घटना शनिवार दोपहर करीब 12:20 बजे की है। संस्थान के रजिस्ट्रार प्रोफेसर के.एस. राजन द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, सुरक्षाकर्मियों ने सबसे पहले देखा कि 'हिमालय डी ब्लॉक' की सीढ़ियों के पास ग्राउंड फ्लोर पर बने सर्वर रूम की छत पर एक छात्र गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। छात्र को बहुत ऊंचाई से गिरने के कारण सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं।
कैंपस फैसिलिटीज एंड सिक्योरिटी (CFS) के प्रमुख तुरंत घटनास्थल की ओर भागे, लेकिन तब तक मौके पर मौजूद एम्बुलेंस के जरिए अभिरूप को तुरंत नजदीकी केयर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उसे 'ब्रॉट डेड' यानी मृत घोषित कर दिया।
जांच अधिकारी ने कहा, "क्राइम सीन के मुआयने से यह साफ़ तौर पर पता चलता है कि अभिरूप हॉस्टल की छठी मंजिल पर गया और वहां सीढ़ियों के पास लगी रेलिंग को पार करके नीचे कूद गया। वह सीधे ग्राउंड फ्लोर पर स्थित सर्वर रूम की छत पर जाकर गिरा। घटना के वक्त वहां आस-पास कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था।"
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि घटनास्थल से अभी तक कोई 'सुसाइड नोट' बरामद नहीं हुआ है। इसके बावजूद, पुलिस ने किसी भी तरह की साजिश की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, क्योंकि न तो कोई चश्मदीद गवाह मिला है और न ही सीसीटीवी या अन्य तकनीकी सबूतों में कुछ भी संदिग्ध नजर आया है।
पुलिस ने इस मामले में 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 194 (संदिग्ध मौत की जांच) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
संस्थान ने अपने बयान में कहा, "IIIT-H अत्यंत गहरे दुख के साथ अपने छात्र अभिरूप पुल्लेपु के आकस्मिक निधन की पुष्टि करता है। अभिरूप को परिसर में ऊंचाई से गिरने के कारण गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उसे तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान की गई और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। हम अभिरूप के परिवार, दोस्तों, सहपाठियों और शिक्षकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।"
संस्थान ने यह भी बताया कि मौत की खबर मिलते ही अभिरूप के माता-पिता को तुरंत सूचित किया गया और वे हैदराबाद पहुँच चुके हैं। कॉलेज प्रशासन जांच अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहा है और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है। साथ ही, संस्थान ने कैंपस के अन्य छात्रों और स्टाफ के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए काउंसलिंग और सपोर्ट सर्विसेज भी शुरू की हैं।
कैसे और कहाँ हुआ यह दर्दनाक हादसा?
गच्चीबौली पुलिस और IIIT हैदराबाद प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र अभिरूप मूल रूप से तेलंगाना के खम्मम जिले का रहने वाला था और कैंपस के ही 'ओल्ड बॉयज हॉस्टल' (OBH) में रह रहा था।घटना शनिवार दोपहर करीब 12:20 बजे की है। संस्थान के रजिस्ट्रार प्रोफेसर के.एस. राजन द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, सुरक्षाकर्मियों ने सबसे पहले देखा कि 'हिमालय डी ब्लॉक' की सीढ़ियों के पास ग्राउंड फ्लोर पर बने सर्वर रूम की छत पर एक छात्र गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। छात्र को बहुत ऊंचाई से गिरने के कारण सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं।
कैंपस फैसिलिटीज एंड सिक्योरिटी (CFS) के प्रमुख तुरंत घटनास्थल की ओर भागे, लेकिन तब तक मौके पर मौजूद एम्बुलेंस के जरिए अभिरूप को तुरंत नजदीकी केयर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उसे 'ब्रॉट डेड' यानी मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच और क्राइम सीन का मुआयना
मामले की जांच कर रहे गच्चीबौली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर और जांच अधिकारी (IO) शशिपाल रेड्डी ने मीडिया को बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए क्राइम सीन की बारीकी से जांच की गई है।जांच अधिकारी ने कहा, "क्राइम सीन के मुआयने से यह साफ़ तौर पर पता चलता है कि अभिरूप हॉस्टल की छठी मंजिल पर गया और वहां सीढ़ियों के पास लगी रेलिंग को पार करके नीचे कूद गया। वह सीधे ग्राउंड फ्लोर पर स्थित सर्वर रूम की छत पर जाकर गिरा। घटना के वक्त वहां आस-पास कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था।"
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि घटनास्थल से अभी तक कोई 'सुसाइड नोट' बरामद नहीं हुआ है। इसके बावजूद, पुलिस ने किसी भी तरह की साजिश की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, क्योंकि न तो कोई चश्मदीद गवाह मिला है और न ही सीसीटीवी या अन्य तकनीकी सबूतों में कुछ भी संदिग्ध नजर आया है।
क्या मानसिक तनाव या बीमारी थी बड़ी वजह?
हालांकि सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन प्रारंभिक पुलिस जांच और दोस्तों से मिली जानकारी के आधार पर कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। सब-इंस्पेक्टर शशिपाल रेड्डी के मुताबिक, शुरुआती जानकारियों से संकेत मिले हैं कि अभिरूप पिछले कुछ समय से कुछ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी शारीरिक या मानसिक तनाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। पुलिस ने बताया कि मौत की सही और अंतिम वजहों की पुष्टि पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।पुलिस ने इस मामले में 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 194 (संदिग्ध मौत की जांच) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
IIIT हैदराबाद प्रशासन ने व्यक्त किया गहरा दुख
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद IIIT हैदराबाद प्रबंधन में शोक की लहर है। संस्थान ने एक आधिकारिक बयान जारी कर छात्र की मौत की पुष्टि की और दुख व्यक्त किया।संस्थान ने अपने बयान में कहा, "IIIT-H अत्यंत गहरे दुख के साथ अपने छात्र अभिरूप पुल्लेपु के आकस्मिक निधन की पुष्टि करता है। अभिरूप को परिसर में ऊंचाई से गिरने के कारण गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उसे तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान की गई और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। हम अभिरूप के परिवार, दोस्तों, सहपाठियों और शिक्षकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।"
संस्थान ने यह भी बताया कि मौत की खबर मिलते ही अभिरूप के माता-पिता को तुरंत सूचित किया गया और वे हैदराबाद पहुँच चुके हैं। कॉलेज प्रशासन जांच अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहा है और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है। साथ ही, संस्थान ने कैंपस के अन्य छात्रों और स्टाफ के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए काउंसलिंग और सपोर्ट सर्विसेज भी शुरू की हैं।