UGC NET June 2026 री-एग्जाम की तारीखें घोषित: NTA आयोजित करेगा अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी का दोबारा टेस्ट, जानें पूरी समय-सारणी और नए नियम

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC NET June 2026) के अभ्यर्थियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सार्वजनिक सूचना (Public Notice) जारी की है। 16 अगस्त 2026 को जारी इस आधिकारिक नोटिस के अनुसार, जून 2026 सत्र में आयोजित की गई UGC NET परीक्षा के तीन प्रमुख विषयों का फिर से आयोजन किया जाएगा। ये तीन विषय अंग्रेजी (English), वाणिज्य (Commerce) और समाजशास्त्र (Sociology) हैं। एजेंसी ने इन विषयों के प्रश्नपत्रों में कई गंभीर और तथ्यात्मक त्रुटियों की शिकायतें मिलने के बाद यह बड़ा कदम उठाया है। परीक्षा में पारदर्शिता, निष्पक्षता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए NTA ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर री-टेस्ट कराने का फैसला किया है।

UGC NET 2026 Re-Test Date Out: NTA To Conduct English, Commerce & Sociology Exam Again; Full Schedule & Notice Details
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UGC NET 2026 री-एग्जाम की पूरी समय-सारणी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इन तीनों विषयों के लिए फिर से परीक्षा का आयोजन सितंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में किया जाएगा। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा की तारीखों और पालियों का विस्तृत विवरण निर्धारित कर दिया गया है।

  • अंग्रेजी (English) विषय की री-परीक्षा 9 सितंबर 2026 को पहली पाली में सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।
  • कॉमर्स (Commerce) विषय की री-परीक्षा भी 9 सितंबर 2026 को ही दूसरी पाली में दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक आयोजित होगी।
  • समाजशास्त्र (Sociology) विषय की री-परीक्षा 10 सितंबर 2026 को पहली पाली में सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।

परीक्षार्थियों के लिए सबसे राहत की बात यह है कि इस री-एग्जाम में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त परीक्षा शुल्क (Additional Exam Fee) नहीं लिया जाएगा। NTA जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा केंद्र, शहर की जानकारी (City Intimation Slip) और नए एडमिट कार्ड से संबंधित विवरण अलग से अधिसूचित करेगा।

आखिर क्यों NTA को लेना पड़ा री-टेस्ट का बड़ा फैसला

UGC NET June 2026 की परीक्षा का आयोजन 22 जून से 30 जून 2026 के बीच देशभर के विभिन्न केंद्रों पर 87 विषयों के लिए किया गया था। इस परीक्षा का उद्देश्य जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश देना है। परीक्षा संपन्न होने के बाद अभ्यर्थियों और विषय विशेषज्ञों की ओर से अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों में ढेरों गलतियों की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए NTA ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति (Enquiry Committee) का गठन किया। समिति ने जब प्रश्नपत्रों का गहन विश्लेषण किया, तो पाया कि इन तीनों विषयों के पेपर में तथ्यात्मक भूलें (Factual Errors), स्पेलिंग की गलतियां (Typographical Errors), अनुवाद की गंभीर त्रुटियां (Translation Errors), और विख्यात विद्वानों के नामों की गलत वर्तनी मौजूद थी। इसके अलावा किताबों के नाम विकृत थे, प्रश्नों की भाषा व व्याकरण में भारी खामियां थीं, और विराम चिन्हों तथा लिंग-वचन संबंधी त्रुटियां पाई गईं। समिति ने यह भी उजागर किया कि पहले की परीक्षाओं में पूछे जा चुके कई प्रश्नों की अनुचित पुनरावृत्ति की गई थी।

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि महज प्रोविजनल आंसर की चैलेंज प्रक्रिया या विवादित प्रश्नों को हटाने (Dropping Questions) से इस स्तर की खामियों को सुधारा नहीं जा सकता। निष्पक्ष और त्रुटिहीन परीक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने का एकमात्र तरीका यही था कि इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाए।

अन्य 84 विषयों के रिजल्ट और कट-ऑफ पर प्रभाव

NTA ने अपने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि जिन 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर की चैलेंज की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनके परिणाम पर इस री-टेस्ट का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन 84 विषयों का परिणाम तय समय-सारणी के अनुसार ही घोषित किया जाएगा। उन विषयों के लिए JRF सीटों का आवंटन, असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता ई-सर्टिफिकेट और पीएचडी प्रवेश पात्रता की प्रक्रिया में इन तीन विषयों के री-एग्जाम की वजह से कोई देरी नहीं होगी।

क्वालिफाइंग क्राइटेरिया और 6 प्रतिशत नियम पर NTA का स्पष्टीकरण

री-एग्जाम के बाद परिणामों के आंकलन और पात्रता को लेकर भी एजेंसियों ने महत्वपूर्ण नियम साझा किए हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता के लिए सफल घोषित होने वाले उम्मीदवारों की संख्या जून 2026 में आयोजित मूल परीक्षा में उपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या या री-टेस्ट में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में से जो भी अधिक (Whichever is higher) होगी, उसका 6 प्रतिशत मानी जाएगी।

इसी प्रकार, JRF, असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और PhD में दाखिले के लिए सीटों का विषयवार आवंटन सूचना विवरणिका (Information Bulletin) के अनुसार ही रहेगा। NTA ने आश्वस्त किया है कि री-टेस्ट के बाद भी प्रत्येक विषय के लिए पहले से आवंटित की गई सीटों या संख्या में किसी भी परिस्थिति में कोई कटौती या कमी नहीं की जाएगी।

अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा से जुड़े सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों, सोशल मीडिया पर फैल रही असत्यापित खबरों या भ्रामक दावों पर बिल्कुल ध्यान न दें। परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख और अन्य किसी भी नई अपडेट के लिए उम्मीदवार केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइटों www.nta.ac.in और ugcnet.nta.nic.in पर प्रकाशित होने वाले आधिकारिक नोटिसों पर ही भरोसा करें।

A K

Founding Editor

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