भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 'साइबर कुश्ती 2026' का भव्य शुभारंभ किया है। यह अपनी तरह की एक अनूठी और पहली राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हैकाथॉन है। पारंपरिक साइबर सुरक्षा प्रतियोगिताओं के विपरीत, इसमें केवल गलतियों या कमियों का पता लगाने की गति के बजाय प्रतिभागियों की इंसानी समझ, त्वरित विश्लेषण और सटीक निर्णय लेने की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।
इस हैकाथॉन का आधिकारिक उद्घाटन एनआईईएलआईटी के महानिदेशक और एनआईईएलआईटी डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एम. एम. त्रिपाठी द्वारा किया गया। इसे 'साइबर सुरक्षा, डिजिटल फोरेंसिक और इंटेलिजेंस पर नेशनल कॉन्फ्रेंस' के आधिकारिक समानांतर तकनीकी ट्रैक के रूप में पेश किया गया है। यह आयोजन राष्ट्रीय सुरक्षा डेटाबेस के तहत इंफॉर्मेशन शेयरिंग एंड एनालिसिस सेंटर के सहयोग से हो रहा है, जिसमें भारत सरकार की सीईआरटी-इन नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभा रही है।
प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए तीन सदस्यों वाली टीमों का होना अनिवार्य है। इसमें विभिन्न कॉलेजों के छात्र और स्वतंत्र शोधकर्ता अपनी टीम बनाकर आवेदन कर सकते हैं। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को समान अवसर प्रदान करना है।
इस प्रतियोगिता में प्रत्येक प्रतिभागी टीम को एक समान और जानबूझकर अधूरा छोड़ा गया सुरक्षा मूल्यांकन पैकेज प्रदान किया जाएगा। इस पैकेज में एआई से तैयार की गई जानकारी, स्टैटिक एनालिसिस के परिणाम, सोर्स कोड, डिपेंडेंसी स्कैन, सीक्रेट्स स्कैन, आर्किटेक्चर डॉक्यूमेंटेशन और एप्लिकेशन लॉग्स शामिल होंगे।
आयोजकों द्वारा इस पैकेज में असली निष्कर्षों के साथ-साथ कई गलत और दोहराए गए निष्कर्ष भी शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा कुछ वास्तविक कमजोरियों को जानबूझकर छिपाया जाएगा। टीमों को सही एवं प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित सुरक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। यह प्रतियोगिता न केवल असली कमियों को पहचानने बल्कि गलत निष्कर्षों को सही तर्कों के साथ खारिज करने पर भी अंक प्रदान करेगी।
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| Image Source: PIB |
इस हैकाथॉन का आधिकारिक उद्घाटन एनआईईएलआईटी के महानिदेशक और एनआईईएलआईटी डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एम. एम. त्रिपाठी द्वारा किया गया। इसे 'साइबर सुरक्षा, डिजिटल फोरेंसिक और इंटेलिजेंस पर नेशनल कॉन्फ्रेंस' के आधिकारिक समानांतर तकनीकी ट्रैक के रूप में पेश किया गया है। यह आयोजन राष्ट्रीय सुरक्षा डेटाबेस के तहत इंफॉर्मेशन शेयरिंग एंड एनालिसिस सेंटर के सहयोग से हो रहा है, जिसमें भारत सरकार की सीईआरटी-इन नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभा रही है।
पंजीकरण प्रक्रिया और पात्रता की शर्तें
साइबर कुश्ती 2026 में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 15 अगस्त 2026 से प्रारंभ हो चुकी है और यह 10 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना पूरी तरह से नि:शुल्क रखा गया है, ताकि देश के किसी भी कोने से प्रतिभावान युवा इसमें बिना किसी वित्तीय बाधा के भाग ले सकें।प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए तीन सदस्यों वाली टीमों का होना अनिवार्य है। इसमें विभिन्न कॉलेजों के छात्र और स्वतंत्र शोधकर्ता अपनी टीम बनाकर आवेदन कर सकते हैं। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को समान अवसर प्रदान करना है।
पारंपरिक सीटीएफ और हैकाथॉन से क्यों अलग है साइबर कुश्ती
आम तौर पर साइबर सुरक्षा से जुड़ी प्रतियोगिताएं कैप्चर द फ्लैग प्रारूप पर आधारित होती हैं, जहां कमियों को ढूंढना मुख्य लक्ष्य होता है। इसके उलट, साइबर कुश्ती 2026 प्रतिभागियों की साइबर सुरक्षा से जुड़े फैसलों का सही मूल्यांकन करने, प्राथमिकताओं को तय करने और अपने निर्णयों का बचाव करने की क्षमता को परखती है।इस प्रतियोगिता में प्रत्येक प्रतिभागी टीम को एक समान और जानबूझकर अधूरा छोड़ा गया सुरक्षा मूल्यांकन पैकेज प्रदान किया जाएगा। इस पैकेज में एआई से तैयार की गई जानकारी, स्टैटिक एनालिसिस के परिणाम, सोर्स कोड, डिपेंडेंसी स्कैन, सीक्रेट्स स्कैन, आर्किटेक्चर डॉक्यूमेंटेशन और एप्लिकेशन लॉग्स शामिल होंगे।
आयोजकों द्वारा इस पैकेज में असली निष्कर्षों के साथ-साथ कई गलत और दोहराए गए निष्कर्ष भी शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा कुछ वास्तविक कमजोरियों को जानबूझकर छिपाया जाएगा। टीमों को सही एवं प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित सुरक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। यह प्रतियोगिता न केवल असली कमियों को पहचानने बल्कि गलत निष्कर्षों को सही तर्कों के साथ खारिज करने पर भी अंक प्रदान करेगी।
निर्णय क्षमता और एआई के उपयोग पर विशेषज्ञों का नजरिया
लॉन्च के अवसर पर प्रोफेसर (डॉ.) एम. एम. त्रिपाठी ने बताया कि आधुनिक दौर में सुरक्षा का सबसे कठिन पहलू पूरी तरह से बदल चुका है। एक समय था जब समस्याओं का पता लगाना सबसे बड़ा काम होता था, लेकिन आज मशीनें और एआई टूल्स इंसानी रफ्तार से कहीं तेजी से नतीजे सामने ला देते हैं। हालांकि, मशीनें यह तय नहीं कर पातीं कि कौन-से नतीजे वास्तविक हैं और किसे सबसे पहले ठीक किया जाना चाहिए।![]() |
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प्रतियोगिता का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है जिससे महंगे सुरक्षा उपकरणों का अनुचित लाभ कम से कम हो सके। प्रतिभागियों को अपनी पसंद के किसी भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का इस्तेमाल करने की पूरी आजादी होगी। इससे किसी भी साधारण कॉलेज का छात्र कॉर्पोरेट टीमों के साथ पूर्ण बराबरी के स्तर पर मुकाबला कर सकेगा।
पहला चरण 'द अखाड़ा' 15 सितंबर 2026 को ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इस शुरुआती राउंड में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 50 टीमों को अगले चरण के लिए चुना जाएगा।
दूसरा चरण 'द दंगल' 24 सितंबर 2026 को ऑनलाइन मोड में होगा। इस चरण के कड़े मुकाबले के बाद शीर्ष 10 फाइनलिस्ट टीमों का चयन अंतिम चरण के लिए किया जाएगा।
अंतिम और निर्णायक चरण 'द केसरी' 9 अक्टूबर 2026 को डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में प्रत्यक्ष रूप से आयोजित होगा। यहां 10 फाइनलिस्ट टीमें नेशनल कॉन्फ्रेंस (NCCDFI 2026) के मुख्य मंच पर विशेषज्ञों की देखरेख में काम करेंगी और अपनी रिपोर्ट का बचाव करेंगी।
फाइनल राउंड के दौरान एआई-आधारित स्वचालित विश्लेषण और इंसानी विश्लेषण की लाइव तुलना भी प्रदर्शित की जाएगी। इससे सम्मेलन में मौजूद प्रतिनिधि यह प्रत्यक्ष देख सकेंगे कि स्वचालित मशीन और इंसानी विशेषज्ञता के बीच निर्णय लेने में कहां समानता है और कहां अंतर।
विजेता टीम को सम्मानित करते हुए 'साइबर केसरी 2026' का प्रतिष्ठित खिताब और पारंपरिक गदा प्रदान की जाएगी। वहीं दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली रनर-अप टीमों को क्रमशः 'रुस्तम' और 'पहलवान' के खिताब से नवाजा जाएगा।
पहले राउंड में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाणपत्र और व्यक्तिगत स्कोरकार्ड दिया जाएगा। इसके अलावा, पहले चरण से आगे बढ़ने वाले प्रतिभागियों को एनएसडी रिकग्निशन क्रेडिट मिलेंगे। आयोजकों द्वारा सबसे शिक्षाप्रद गलत उत्तर के लिए एक विशेष पुरस्कार भी रखा गया है, जो तार्किक सोच और सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है।
यह हैकाथॉन एनसीसीडीएफआई 2026 के तीसरे संस्करण का हिस्सा है, जिसका आयोजन 9 और 10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में किया जा रहा है। डिजिटल सशक्तिकरण में अग्रणी NIELIT और गैर-लाभकारी साइबर सुरक्षा संस्था ISAC Foundation का यह संयुक्त प्रयास भारत में साइबर सुरक्षा और एआई विश्लेषण को एक नई दिशा देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
तीन रोमांचक चरण: अखाड़ा, दंगल और केसरी
साइबर कुश्ती 2026 का आयोजन तीन अलग-अलग चरणों में किया जाएगा।पहला चरण 'द अखाड़ा' 15 सितंबर 2026 को ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इस शुरुआती राउंड में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 50 टीमों को अगले चरण के लिए चुना जाएगा।
दूसरा चरण 'द दंगल' 24 सितंबर 2026 को ऑनलाइन मोड में होगा। इस चरण के कड़े मुकाबले के बाद शीर्ष 10 फाइनलिस्ट टीमों का चयन अंतिम चरण के लिए किया जाएगा।
अंतिम और निर्णायक चरण 'द केसरी' 9 अक्टूबर 2026 को डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में प्रत्यक्ष रूप से आयोजित होगा। यहां 10 फाइनलिस्ट टीमें नेशनल कॉन्फ्रेंस (NCCDFI 2026) के मुख्य मंच पर विशेषज्ञों की देखरेख में काम करेंगी और अपनी रिपोर्ट का बचाव करेंगी।
फाइनल राउंड के दौरान एआई-आधारित स्वचालित विश्लेषण और इंसानी विश्लेषण की लाइव तुलना भी प्रदर्शित की जाएगी। इससे सम्मेलन में मौजूद प्रतिनिधि यह प्रत्यक्ष देख सकेंगे कि स्वचालित मशीन और इंसानी विशेषज्ञता के बीच निर्णय लेने में कहां समानता है और कहां अंतर।
मान्यता, शानदार पुरस्कार और अनोखी गदा
फाइनल राउंड में टीमों का मूल्यांकन सरकार, उद्योग और शिक्षा क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा गठित एक संयुक्त जूरी करेगी। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा डेटाबेस के तहत मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा स्कॉलर्स भी शामिल होंगे।विजेता टीम को सम्मानित करते हुए 'साइबर केसरी 2026' का प्रतिष्ठित खिताब और पारंपरिक गदा प्रदान की जाएगी। वहीं दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली रनर-अप टीमों को क्रमशः 'रुस्तम' और 'पहलवान' के खिताब से नवाजा जाएगा।
पहले राउंड में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाणपत्र और व्यक्तिगत स्कोरकार्ड दिया जाएगा। इसके अलावा, पहले चरण से आगे बढ़ने वाले प्रतिभागियों को एनएसडी रिकग्निशन क्रेडिट मिलेंगे। आयोजकों द्वारा सबसे शिक्षाप्रद गलत उत्तर के लिए एक विशेष पुरस्कार भी रखा गया है, जो तार्किक सोच और सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है।
सुरक्षित और नियंत्रित प्रतियोगिता परिवेश
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Cyber Kushti 2026 की सभी प्रस्तुतियां और गतिविधियां एक नियंत्रित और सुरक्षित परिवेश में होंगी। प्रतियोगिता के किसी भी चरण में किसी भी प्रतिभागी को किसी लाइव सिस्टम, थर्ड-पार्टी या पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ने की अनुमति नहीं होगी।यह हैकाथॉन एनसीसीडीएफआई 2026 के तीसरे संस्करण का हिस्सा है, जिसका आयोजन 9 और 10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में किया जा रहा है। डिजिटल सशक्तिकरण में अग्रणी NIELIT और गैर-लाभकारी साइबर सुरक्षा संस्था ISAC Foundation का यह संयुक्त प्रयास भारत में साइबर सुरक्षा और एआई विश्लेषण को एक नई दिशा देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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