Odisha Gyanodaya Scheme: ओडिशा सरकार का ऐतिहासिक फैसला, अब सरकारी संस्थानों में KG से लेकर PG तक की पढ़ाई होगी बिल्कुल मुफ्त

Odisha Free Education Scheme 2026: शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ओडिशा की मोहन चरण माझी सरकार ने राज्य के छात्रों को अब तक का सबसे बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत अब राज्य में किंडरगार्टन (KG) से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएट (PG) स्तर तक की शिक्षा पूरी तरह से मुफ्त कर दी गई है। सरकार के इस बड़े फैसले से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अपने बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए मोटी फीस भरने की चिंता से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

Odisha Free Education Scheme: ओडिशा में अब KG से PG तक की शिक्षा बिल्कुल मुफ्त, कैबिनेट ने दी ₹5,467 करोड़ की मंजूरी

इस योजना को 'ज्ञानोदय - शिक्षारू समृद्धि' (Gyanodaya – Shiksharu Samruddhi) नाम दिया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह योजना क्या है, इसका लाभ किन छात्रों को मिलेगा और इसके लिए सरकार ने कितना भारी-भरकम बजट आवंटित किया है।

क्या है 'ज्ञानोदय - शिक्षारू समृद्धि' योजना?

ओडिशा कैबिनेट द्वारा पास की गई इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समावेशी शिक्षा पहुंचाना है। योजना के तहत ओडिशा के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त (Government and Government-Aided) शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को एडमिशन फीस, एनरोलमेंट फीस और ट्यूशन फीस से पूरी तरह राहत दी जाएगी।

आपको बता दें कि राज्य में पहले से ही केजी (KG) से लेकर कक्षा 8वीं तक के बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था लागू थी। लेकिन अब, इस नई नीति के तहत इस दायरे को ऐतिहासिक रूप से बढ़ाते हुए कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूली छात्रों के साथ-साथ सरकारी कॉलेजों और राज्य के पब्लिक विश्वविद्यालयों में रेगुलर मोड में पढ़ाई करने वाले अंडर-ग्रेजुएट (UG) और पोस्ट-ग्रेजुएट (PG) के छात्रों को भी शामिल कर लिया गया है।

32 लाख से अधिक छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

सरकार के इस कदम से राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक नया सुधार देखने को मिलेगा। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, इस योजना के लागू होने से ओडिशा के 32 लाख से अधिक छात्र हर साल सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। यह योजना विशेष रूप से उन मेधावी छात्रों के लिए वरदान साबित होगी जो पैसों की तंगी या वित्तीय बाधाओं के कारण 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते थे। सरकार का लक्ष्य है कि वित्तीय अभाव के चलते कोई भी छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे और राज्य में ड्रॉपआउट दर (Dropout Rate) को न्यूनतम किया जा सके।

बजट और वित्तीय खाका: शिक्षा पर सरकार का बड़ा निवेश

इस योजना को सुचारू रूप से चलाने और जमीनी स्तर पर मजबूती से लागू करने के लिए ओडिशा सरकार ने एक विशाल बजट को मंजूरी दी है, जिसे अगले 5 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से खर्च किया जाएगा:
समय अवधि (Timeline) स्वीकृत बजट (Allocated Budget)
प्रथम वर्ष (Financial Year 2026-27) ₹895.57 करोड़
आगामी 5 वर्षों का कुल खर्च (Total 5-Year Outlay) ₹5,467.55 करोड़

यह भारी-भरकम बजट दर्शाता है कि राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने और मानव संसाधन के विकास को लेकर कितनी गंभीर है। यह योजना इसी चालू शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी, जिससे वर्तमान सत्र में पढ़ रहे छात्रों को भी तुरंत राहत मिलेगी।

इन कोर्सेज और संस्थानों को नहीं मिलेगी छूट

ब्लॉगर्स और पाठकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि सरकार ने इस मुफ्त शिक्षा योजना में कुछ स्पष्ट पाबंदियां और नियम भी तय किए हैं। यह योजना सभी प्रकार के कोर्सेज और संस्थानों पर लागू नहीं होगी। सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार, निम्नलिखित को इस मुफ्त शिक्षा के दायरे से बाहर रखा गया है:

  • निजी संस्थान (Private Institutions): निजी स्कूलों और बिना सहायता प्राप्त निजी कॉलेजों (Private Unaided Institutions) में पढ़ने वाले छात्रों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
  • सेल्फ-फाइनेंसिंग कोर्सेज: सरकारी कॉलेजों या यूनिवर्सिटीज में चलने वाले सेल्फ-फाइनेंसिंग (Self-financing) पाठ्यक्रमों के छात्रों को सामान्य रूप से फीस देनी होगी।
  • पीपीपी मोड संस्थान: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP Mode) के तहत संचालित होने वाले संस्थानों पर यह नीति लागू नहीं है।
  • प्रोफेशनल और टेक्निकल डिग्री: इंजीनियरिंग (B.Tech), मेडिकल (MBBS), मैनेजमेंट (MBA) जैसे व्यावसायिक, प्रोफेशनल और टेक्निकल कोर्सेज को इस योजना से बाहर रखा गया है। यह लाभ केवल सामान्य या ट्रेडिशनल कोर्सेज (जैसे आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स, ह्यूमेनिटीज आदि) के रेगुलर छात्रों के लिए ही मान्य होगा।

ओडिशा सरकार का केजी से पीजी (KG to PG) तक मुफ्त शिक्षा देने का यह फैसला देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक बेहतरीन नजीर और रोल मॉडल साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का मानना है कि यह केवल एक वित्तीय सहायता या फीस माफी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि 'विकसित ओडिशा' के निर्माण की दिशा में एक ठोस आधारशिला है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य में साक्षरता दर और उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिलेगी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के सपने सच हो सकेंगे।

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