Lock Upp: 'मैंने पिता को मरने में मदद की'- राम कपूर के चौंकाने वाले खुलासे से शो में छाया सन्नाटा

नई दिल्ली: टेलीविजन के दिग्गज और बेहद लोकप्रिय अभिनेता राम कपूर (Ram Kapoor) ने रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सजा' (Lock Upp: Sach Ya Sazaa) में अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक और चौंकाने वाला राज साझा किया है। जब शो में 'फादर' (Father) कीवर्ड स्क्रीन पर आया, तो 'बड़े अच्छे लगते हैं' फेम राम कपूर ने एक ऐसा सच सामने रखा, जिसे सुनकर शो के बाकी सदस्य स्तब्ध रह गए।

Lock Upp 2: 'मैंने पिता को मरने में मदद की'- राम कपूर के चौंकाने वाले खुलासे से शो में छाया सन्नाटा

राम कपूर ने भावुक होते हुए खुलासा किया, "मैंने अपने पिता की मौत की योजना बनाने में उनकी मदद की।"

कैंसर से जंग और दोबारा हुआ अटैक

राम कपूर ने बताया कि उनके पिता को 63 वर्ष की उम्र में अग्न्याशय का कैंसर (Pancreatic Cancer) हुआ था। ऑपरेशन न हो पाने के कारण उन्हें 18 कीमोथेरेपी सेशन से गुजरना पड़ा, जिसके बाद कैंसर लगभग ठीक हो गया था। उनके पिता ने 73 वर्ष की उम्र तक एक अच्छी और खुशहाल जिंदगी जी।

हालांकि, कोविड-19 महामारी के दौरान उनका कैंसर दोबारा लौट आया। डॉक्टरों को उम्मीद थी कि पहली बार की तरह इस बार भी इलाज असरदार होगा, लेकिन स्थिति पहले जैसी नहीं थी।

पिता का फोन और वो एक कठिन सवाल

राम कपूर ने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि उनके और उनके पिता के बीच रिश्ते कभी सहज नहीं रहे। वे एक अमीर बिजनेसमैन थे, लेकिन राम ने उनका बिजनेस जॉइन न करके एक्टिंग का रास्ता चुना।

कोविड के समय जब उनके पिता सिंगापुर में थे, तो उन्होंने राम की पत्नी गौतमी को फोन करके राम से बात करने की इच्छा जताई।

राम कपूर ने याद करते हुए बताया:
"उन्होंने मुझे पॉइंट ब्लैंक (सीधे) पूछा— 'क्या तुम मुझे मरने में मदद कर सकते हो?' मेरी प्रतिक्रिया भी किसी आम इंसान जैसी ही थी, लेकिन उन्होंने मुझे समझा लिया कि अगर मैं उनकी मदद नहीं करूँगा, तो वे अकेले ही यह कदम उठा लेंगे।"

ICU में थामे रखा हाथ, परिवार से छिपाया सच

राम ने खुलासा किया कि उनके पिता मौत से नहीं डरते थे, बल्कि अकेले दम तोड़ने से डरते थे। वे चाहते थे कि राम उनके अंतिम समय तक ICU में उनके पास रहे और उनका हाथ थामे रखे।
  • गोपनीयता: अस्पताल में किसी को भी यह नहीं मालूम था कि कोई इलाज नहीं चल रहा है।
  • अंतिम समय: राम ने बताया कि उन्होंने अपने पिता का हाथ थामे रखा और उन्हें शांति से जाने दिया।
  • राजा की तरह विदाई: राम कपूर ने कहा, "हर कोई राजा की तरह जीता है, लेकिन मेरे पिता राजा की तरह इस दुनिया से गए।"

5 सालों से माँ और बहन नहीं कर रहीं बात

इस कड़े फैसले का असर राम कपूर के पारिवारिक रिश्तों पर बहुत गहरा पड़ा। उन्होंने बताया कि इस बात को 5 साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन उनकी माँ और बहन आज भी उनसे बात नहीं करती हैं। वे जानती थीं कि अगर किसी और को इस बात की भनक लगती, तो वे ऐसा कभी नहीं होने देते।

राम ने बातचीत का अंत करते हुए कहा कि मौत को इतने करीब से देखने के बाद अब उन्हें मौत से बिल्कुल डर नहीं लगता और वे जिंदगी को एक नए नजरिए से जीने लगे हैं।

रितेश देशमुख और फराह खान कर रहे हैं होस्ट

आपको बता दें कि इस चर्चित रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सजा' को रितेश देशमुख और फराह खान होस्ट कर रहे हैं। राम कपूर के इस भावुक और साहसिक खुलासे के बाद शो का यह एपिसोड सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।

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