Congress CWC Meeting: वंदे मातरम, राम मंदिर चंदा चोरी और छात्रों के मुद्दों पर कांग्रेस का बड़ा फैसला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में दिल्ली स्थित इंदिरा भवन (AICC मुख्यालय) में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की एक अहम और व्यापक रणनीति बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, संचार प्रभारी जयराम रमेश और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत देश भर से 88 से अधिक वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। बैठक के बाद आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने देश के कई ज्वलंत मुद्दों पर पार्टी के कड़े रुख और भविष्य की कार्ययोजना को देश के सामने रखा।

Congress CWC Meeting Updates: वंदे मातरम, राम मंदिर चंदा चोरी और छात्रों के मुद्दों पर कांग्रेस का बड़ा फैसला
Image Source: Indian National Congress Press Conference

वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस का ऐतिहासिक रुख और 1937 का प्रस्ताव

हाल के दिनों में 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर कांग्रेस ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वंदे मातरम और राष्ट्रगान कांग्रेस के लिए बेहद भावनात्मक विषय हैं, जबकि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस पर राजनीति करने का प्रयास कर रही है।

वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी साल 1937 में महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, रबींद्रनाथ टैगोर और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे शीर्ष नेताओं द्वारा तय किए गए फैसले का ही पालन करेगी। उस समय कांग्रेस कार्यसमिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया था कि पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के पहले दो पद (स्टैंजा) ही गाए जाएंगे। उन्होंने मुख्यालय में हुए हालिया घटनाक्रम को एक साधारण 'कम्यूनिकेशन गैप' बताया और कहा कि यह अध्याय अब समाप्त हो चुका है।

राम मंदिर ट्रस्ट में चंदा चोरी का आरोप और देशव्यापी प्रदर्शन का रोडमैप

कांग्रेस ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंदे के मुद्दे को केवल एक राज्य का विषय न मानकर पूरे देश की जनता की भावनाओं से जुड़ा मामला बताया है। केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि जो लोग धर्म के नाम पर ध्रुवीकरण की राजनीति करते हैं, वे अब जनता के सामने बेनकाब हो चुके हैं।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह 'चंदा चोरी' के खिलाफ अभियान को सीधे जमीनी स्तर (ग्रासरूट) तक लेकर जाएगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCC) को निर्देश दिया गया है कि वे देश के गांव-गांव, पंचायत और चौपाल स्तर पर इस मुद्दे को उठाएं और व्यापक प्रदर्शन आयोजित करें। वहीं जयराम रमेश ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की निगरानी में इसकी जांच कराई जानी चाहिए।

'छात्रों की गूंज' अभियान का विस्तार और शिक्षा सुधारों पर चार मुख्यमंत्रियों को निर्देश

पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधलियों से परेशान युवाओं और छात्रों के समर्थन में कांग्रेस अपने आंदोलन को और तेज करने जा रही है। पार्टी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम, जो कोटा, देहरादून और प्रयागराज जैसे शैक्षणिक केंद्रों में शुरू हुआ था, अब देश के 800 से अधिक छोटे और बड़े शहरों में आयोजित किया जाएगा। राहुल गांधी स्वयं इन आयोजनों के कई सत्रों में शामिल होंगे।

इसके साथ ही, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के शासन वाले राज्यों के चार मुख्यमंत्रियों (तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक आदि) को शिक्षा और परीक्षा प्रणालियों में सुधार के लिए विशेषज्ञों से सलाह लेकर एक महीने के भीतर ठोस रोडमैप और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

हल्द्वानी विवाद और प्रधानमंत्री से माफी की मांग

कांग्रेस कार्यसमिति ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद हुए तथाकथित 'शुद्धिकरण' कांड की सख्त शब्दों में निंदा की। केसी वेणुगोपाल ने इसे राष्ट्रीय स्तर के एक दलित नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष का घोर अपमान बताया। जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल ने इसे आरएसएस-भाजपा की 'उच्च-जातीय मानसिकता' का प्रतीक करार देते हुए कहा कि यह घटना संविधान, मानवता और कानून का उल्लंघन है। कांग्रेस ने इस कृत्य के लिए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम न होने पर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण

जाति जनगणना के विषय पर कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। केसी वेणुगोपाल ने जनगणना के प्रश्नावली में ओबीसी (OBC) कॉलम न होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है कि वह जाति जनगणना की मूल भावना को ही कमजोर और निष्फल करना चाहती है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से मांग की है कि वे इस भ्रम और जनता के साथ हो रहे छल पर तुरंत स्थिति स्पष्ट करें।

परिसीमन और महिला आरक्षण पर कांग्रेस का रुख

लोकसभा सीटों के परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण के लागू होने की संभावनाओं पर भी कार्यसमिति में गहन चर्चा हुई। जयराम रमेश ने पार्टी के फैसले को साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस का मानना है कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की कुल संख्या को अगले 25 वर्षों के लिए यथावत फ्रीज कर दिया जाना चाहिए।

इसी के साथ राज्यों की हिस्सेदारी भी 25 वर्षों तक अपरिवर्तित रहनी चाहिए। पार्टी ने मांग की है कि सितंबर 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को इसी 543 सदस्यों वाली मौजूदा लोकसभा के भीतर ही तुरंत 1/3 (33%) कोटे के रूप में लागू किया जाए।

सीमा सुरक्षा और चीन-अमेरिका नीति पर चिंता

अंतरराष्ट्रीय और सामरिक मुद्दों का जिक्र करते हुए CWC ने देश की सीमाओं, विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश में चीनी अतिक्रमण की रिपोर्टों पर गहरा दुख और चिंता जताई। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार देशहित के मामलों में चीन और अमेरिका दोनों के सामने आत्मसमर्पण की नीति अपना रही है। खुद को देशभक्त बताने वाली सरकार की यह चुप्पी और ढुलमुल रवैया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक है।

पार्टी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में इन सभी मुद्दों को संसद से लेकर सड़क और पंचायत स्तर तक जोरदार ढंग से उठाया जाएगा।

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Founding Editor

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