चीन के बीजिंग में यिजुआंग स्थित 'बीजिंग ईट्रॉन्ग इंटरनेशनल एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर' में आयोजित वर्ल्ड रोबोट कॉन्फ्रेंस (WRC) 2026 की शुरुआत हो चुकी है। इस बार सम्मेलन के हॉल में लगी 30 से अधिक स्क्रीनों में से एक पर भी रोबोट के डांस करने या हवा में उछल-कूद का नजारा देखने को नहीं मिल रहा है। इसके विपरीत, इन स्क्रीनों पर चीन के अलग-अलग शहरों से लाइव फुटेज चल रही है—कहीं पुलिस की वर्दी में रोबोट चौराहे पर ट्रैफिक संभाल रहा है, तो कहीं कार डीलरशिप और गश्त (Patrolling) में मुस्तैद है। यह नजारा इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि रोबोट अब केवल प्रदर्शनी की वस्तु नहीं रहे, बल्कि वे वास्तविक दुनिया में काम पर उतर चुके हैं।


यह आयोजन 23 अगस्त 2026 तक चलेगा, जिसमें पिछले साल की तुलना में 36 प्रतिशत अधिक यानी 300 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं। इसमें 2,000 से अधिक उत्पाद और 150 से ज्यादा नए इनोवेशन पहली बार दुनिया के सामने लाए गए हैं। इस बार सरकारी स्वामित्व वाले 49 केंद्रीय उद्यमों (SOEs) के लिए एक विशेष क्षेत्र बनाया गया है, जो 12 व्यावहारिक अनुप्रयोगों (Application Scenarios) का प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही, 'रोबोट कंजम्पशन स्ट्रीट' का भी आकर्षण है, जहां रोबोट शेफ लोगों के लिए खाना तैयार कर रहे हैं।
यूनिट्री रोबोटिक्स ने अकेले वर्ष 2025 में 5,500 से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट की डिलीवरी की, जो दुनिया भर में किसी भी कंपनी द्वारा सबसे अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक वित्तीय सफलता नहीं है, बल्कि रोबोटिक्स उद्योग के कमर्शियल रूप से परिपक्व होने का संकेत है।
उद्योग जगत का मानना है कि एम्बोडेड एआई (Embodied AI) क्षेत्र अपने 'ChatGPT मोमेंट' के मुहाने पर खड़ा है। कंपनियां अब सिर्फ तकनीकी मापदंडों (Specs) तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे शोध, सप्लाई चेन, सिनेरियो इंजीनियरिंग और बिक्री के बाद की सेवाओं क्षमता का एक पूरा पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) तैयार कर रही हैं।
हालांकि, टेक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के संरक्षणवादी कदमों से खुद पाबंदी लगाने वाले देशों का ही नुकसान होगा। झांगगुआनचुन मॉडर्न इंफॉर्मेशन कंज्यूमर एप्लीकेशन इंडस्ट्री टेक्नोलॉजी अलायंस के महानिदेशक शियांग लिगांग का मानना है कि इस तकनीक को अपने दरवाजे बंद करके नहीं सीखा जा सकता। अमेरिका इस बंदिश के कारण रोबोटिक्स की इस नई वैश्विक लहर को गंवा सकता है।
कंपनी द्वारा विकसित मानवरहित सॉर्टिंग सिस्टम (Unmanned Sorting System) अब दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के लॉजिस्टिक्स सेंटरों में काम कर रहा है। इतना ही नहीं, हुआवेई (Huawei) और फॉक्सकॉन (Foxconn) जैसी दिग्गज वैश्विक विनिर्माण कंपनियों ने भी अपनी प्रोडक्शन लाइनों के लिए इन रोबोटों की खरीद शुरू कर दी है।
लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में रोबोट का इस्तेमाल सबसे पहले इसलिए बढ़ा क्योंकि यह इंसानों के लिए काफी कठिन काम है। चीन में अधिकांश सॉर्टिंग केंद्र आधी रात के बाद बिना एयर-कंडीशनिंग के चलते हैं, जहां भीषण गर्मी या ठंड का माहौल होता है। अब कंपनियां केवल तकनीक नहीं देख रहीं, बल्कि अपने निवेश पर रिटर्न (ROI) का आकलन कर रोबोट्स को अपना रही हैं।
ऑटोमेकर चेरी (Chery) समर्थित 'ऐमोगा रोबोटिक्स' (AiMOGA) के ट्रैफिक-पुलिस रोबोट इस समय चीन के 7 प्रांतों के 31 शहरों में तैनात हैं। ये रोबोट ट्रैफिक सिग्नल के साथ समन्वय स्थापित कर ट्रैफ़िक नियंत्रित करते हैं, बिना हेलमेट वाले चालकों को चिन्हित करते हैं, अवैध पार्किंग की चेतावनी देते हैं और ज़ब्त वाहनों के यार्ड में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हैं।
विशेषज्ञों और फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ओलू के प्रोफेसर जुहा रोनिंग जैसे अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं का कहना है कि रोबोट के डांस करने या हाफ मैराथन में भाग लेने का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं है। यह उनकी गति नियंत्रण, बैटरी और हार्डवेयर की स्थिरता को परखने का एक जरिया है। जब रोबोट लंबी दूरी तय करते हैं या जटिल हरकतें करते हैं, तो उनसे मिलने वाला डेटा उन्हें कारखानों और शहरों में बिना रुके काम करने के लायक बनाता है।
चीन के पास दो सबसे बड़े फायदे हैं—पहला, उसकी पूरी तरह से विकसित और सक्षम सप्लाई चेन, जहां किसी भी पुर्जे के लिए सप्लायर तुरंत मिल जाता है। और दूसरा, रोबोट को सिर्फ आकर्षक बनाने के बजाय 'उपयोगी' बनाने पर ध्यान देना।
चीनी रोबोटिक्स मार्केट में ऐतिहासिक मुकाम और शेयर बाजार में धमाका
कॉन्फ्रेंस की शुरुआत उस ऐतिहासिक दिन हुई जब ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने वाली कंपनी 'यूनिट्री रोबोटिक्स' (Unitree Robotics) चीन के ए-शेयर (A-share) बाजार में लिस्ट होने वाली पहली ह्यूमनॉइड निर्माता बन गई। लिस्टिंग के पहले ही दिन कंपनी के शेयरों में 460 फीसदी से ज्यादा का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया, जिससे हांग्झू स्थित इस कंपनी का बाजार मूल्यांकन 340 अरब युआन (लगभग 4.2 लाख करोड़ भारतीय रुपये या 50.4 अरब डॉलर) के पार पहुंच गया।यूनिट्री रोबोटिक्स ने अकेले वर्ष 2025 में 5,500 से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट की डिलीवरी की, जो दुनिया भर में किसी भी कंपनी द्वारा सबसे अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक वित्तीय सफलता नहीं है, बल्कि रोबोटिक्स उद्योग के कमर्शियल रूप से परिपक्व होने का संकेत है।
'करतब' से 'कारोबार' की ओर: एम्बोडेड एआई का नया दौर
बीजिंग ह्यूमनॉइड रोबोट इनोवेशन सेंटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) शियोंग यूझुन के अनुसार, रोबोटिक्स उद्योग में सबसे बड़ा बदलाव यह आया है कि कंपनियां अब केवल तकनीकी स्टंट दिखाने के बजाय औद्योगिक तर्क (Industrial Logic) और वास्तविक तैनाती (Real Deployment) पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।उद्योग जगत का मानना है कि एम्बोडेड एआई (Embodied AI) क्षेत्र अपने 'ChatGPT मोमेंट' के मुहाने पर खड़ा है। कंपनियां अब सिर्फ तकनीकी मापदंडों (Specs) तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे शोध, सप्लाई चेन, सिनेरियो इंजीनियरिंग और बिक्री के बाद की सेवाओं क्षमता का एक पूरा पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) तैयार कर रही हैं।
अमेरिकी पाबंदियों और सुरक्षा चिंताओं के बीच वैश्विक बाजार का रुख
यह बड़ा रणनीतिक बदलाव एक नई वैश्विक चुनौती के बीच हो रहा है। अमेरिकी संघीय संचार आयोग (FCC) ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए अमेरिकी बाजार में नए विदेशी ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले (Quadruped) रोबोटों के आयात को रोकने का कदम उठाया है।हालांकि, टेक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के संरक्षणवादी कदमों से खुद पाबंदी लगाने वाले देशों का ही नुकसान होगा। झांगगुआनचुन मॉडर्न इंफॉर्मेशन कंज्यूमर एप्लीकेशन इंडस्ट्री टेक्नोलॉजी अलायंस के महानिदेशक शियांग लिगांग का मानना है कि इस तकनीक को अपने दरवाजे बंद करके नहीं सीखा जा सकता। अमेरिका इस बंदिश के कारण रोबोटिक्स की इस नई वैश्विक लहर को गंवा सकता है।
गोदामों से लेकर कारखानों तक: जमीन पर उतरती टेक्नोलॉजी
यूबीटेक (UBTech) जैसी प्रमुख रोबोटिक्स कंपनियों ने इस बार अपने स्टॉल पर कोई दिखावटी डिस्प्ले सेट नहीं बनाया है। उन्होंने उन वास्तविक परिदृश्यों को सीधे शो-फ्लोर पर रख दिया है जहां उनके रोबोट काम कर रहे हैं। ये रोबोट किसी ओवरहेड रेल के सहारे लटकने के बजाय खुद अपने शिपिंग बॉक्स से बाहर निकलकर काम शुरू करते हैं।कंपनी द्वारा विकसित मानवरहित सॉर्टिंग सिस्टम (Unmanned Sorting System) अब दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के लॉजिस्टिक्स सेंटरों में काम कर रहा है। इतना ही नहीं, हुआवेई (Huawei) और फॉक्सकॉन (Foxconn) जैसी दिग्गज वैश्विक विनिर्माण कंपनियों ने भी अपनी प्रोडक्शन लाइनों के लिए इन रोबोटों की खरीद शुरू कर दी है।
लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में रोबोट का इस्तेमाल सबसे पहले इसलिए बढ़ा क्योंकि यह इंसानों के लिए काफी कठिन काम है। चीन में अधिकांश सॉर्टिंग केंद्र आधी रात के बाद बिना एयर-कंडीशनिंग के चलते हैं, जहां भीषण गर्मी या ठंड का माहौल होता है। अब कंपनियां केवल तकनीक नहीं देख रहीं, बल्कि अपने निवेश पर रिटर्न (ROI) का आकलन कर रोबोट्स को अपना रही हैं।
व्यावहारिक रोबोटिक्स: ट्रैफिक पुलिस से लेकर सामान की डिलीवरी तक
चार पैरों वाले रोबोट्स (Quadruped Robots) को अब छोटे औद्योगिक पार्कों और सुरक्षा गश्त के लिए 1,00,000 युआन (लगभग 12.3 लाख भारतीय रुपये) के बजट वर्ग में लाया जा चुका है। डीप रोबोटिक्स (DEEPRobotics) जैसे रोबोट डॉग अब डिलीवरी स्टेशन से पार्सल लेकर ग्राहक के दरवाजे तक पहुंचते हैं और खुद वापस आ जाते हैं।ऑटोमेकर चेरी (Chery) समर्थित 'ऐमोगा रोबोटिक्स' (AiMOGA) के ट्रैफिक-पुलिस रोबोट इस समय चीन के 7 प्रांतों के 31 शहरों में तैनात हैं। ये रोबोट ट्रैफिक सिग्नल के साथ समन्वय स्थापित कर ट्रैफ़िक नियंत्रित करते हैं, बिना हेलमेट वाले चालकों को चिन्हित करते हैं, अवैध पार्किंग की चेतावनी देते हैं और ज़ब्त वाहनों के यार्ड में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हैं।
विशेषज्ञों और फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ओलू के प्रोफेसर जुहा रोनिंग जैसे अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं का कहना है कि रोबोट के डांस करने या हाफ मैराथन में भाग लेने का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं है। यह उनकी गति नियंत्रण, बैटरी और हार्डवेयर की स्थिरता को परखने का एक जरिया है। जब रोबोट लंबी दूरी तय करते हैं या जटिल हरकतें करते हैं, तो उनसे मिलने वाला डेटा उन्हें कारखानों और शहरों में बिना रुके काम करने के लायक बनाता है।
चीन के पास दो सबसे बड़े फायदे हैं—पहला, उसकी पूरी तरह से विकसित और सक्षम सप्लाई चेन, जहां किसी भी पुर्जे के लिए सप्लायर तुरंत मिल जाता है। और दूसरा, रोबोट को सिर्फ आकर्षक बनाने के बजाय 'उपयोगी' बनाने पर ध्यान देना।
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