एशियाई महिला क्रिकेट के मंच पर भारतीय महिला टीम का एकछत्र राज एक बार फिर साबित हो गया है। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए वूमेन्स एशिया कप 2026 के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों के बड़े अंतर से मात देकर 8वीं बार एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारतीय टीम ने 2024 के एशिया कप फाइनल में श्रीलंका से मिली हार का हिसाब चुकता कर लिया है। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में उतरी भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 183 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका की पूरी टीम 20वें ओवर की आखिरी गेंद पर महज 111 रनों पर सिमट गई।

शेफाली वर्मा ने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए महज 24 गेंदों में एशिया कप के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक जमा दिया। शेफाली ने 39 गेंदों पर 68 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें कई गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर, उपकप्तान स्मृति मंधाना ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 39 गेंदों में 59 रन बनाए। इस ओपनिंग जोड़ी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की हर रणनीति को नाकाम करते हुए टीम के लिए एक बड़े स्कोर का मजबूत आधार तैयार कर दिया।
तभी आखिरी ओवर में युवा बल्लेबाज जी कमलनी ने मैदान पर कदम रखा और अपने इरादे साफ कर दिए। कमलनी ने सिर्फ 5 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 15 रन ठोक डाले, जिसमें पारी की अंतिम गेंद पर लगाया गया दर्शनीय छक्का भी शामिल था। इसी ताबड़तोड़ फिनिशिंग की बदौलत भारत 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंच पाया।
लेकिन मैच का असली टर्निंग प्वाइंट 10वें ओवर में आया, जब अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा गेंदबाजी के लिए आईं। दीप्ति ने अपने एक ही ओवर में खतरनाक दिख रही चमारी अटापट्टू को 36 के निजी स्कोर पर स्टंप आउट कराया और फिर अगली कुछ गेंदों में विश्मी गुणारत्ने को बोल्ड करके मैच का पासा भारत के पक्ष में पलट दिया। 63 रन पर 3 विकेट गंवाने के बाद श्रीलंकाई टीम का मध्यक्रम दबाव झेल नहीं सका और ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
स्पिनर श्री चरणी ने बीच के ओवरों में अपनी घातक लाइन और लेंथ से कहर बरपाया। उन्होंने हर्षिता समरविक्रमा, कविषा दिलहारी और नीलाक्षिका सिल्वा को पवेलियन भेजकर श्रीलंका की रही-सही उम्मीदों पर पानी फेर दिया। श्री चरणी ने 4 ओवर में मात्र 20 रन देकर 4 बड़े विकेट चटकाए। वहीं दीप्ति शर्मा ने अंतिम ओवर की आखिरी गेंद पर श्रीलंका का आखिरी विकेट लेकर उनकी पूरी टीम को 111 रन पर ऑलआउट कर दिया। दीप्ति ने अपने 4 ओवर के स्पेल में केवल 19 रन देकर 3 विकेट हासिल किए।

शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना का तूफान, बना सबसे बड़ा ओपनिंग रिकॉर्ड
खिताबी मुकाबले में टॉस जीतकर भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का निडर फैसला लिया। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने मैच की पहली ही गेंद से आक्रामक रवैया अपनाया। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए महज 13 ओवरों में 129 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली, जो महिला टी20 टूर्नामेंट के इतिहास में फाइनल मुकाबले का सबसे बड़ा ओपनिंग स्टैंड है।शेफाली वर्मा ने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए महज 24 गेंदों में एशिया कप के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक जमा दिया। शेफाली ने 39 गेंदों पर 68 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें कई गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर, उपकप्तान स्मृति मंधाना ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 39 गेंदों में 59 रन बनाए। इस ओपनिंग जोड़ी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की हर रणनीति को नाकाम करते हुए टीम के लिए एक बड़े स्कोर का मजबूत आधार तैयार कर दिया।
मध्यक्रम की सुस्ती के बीच जी कमलनी की धमाकेदार फिनिशिंग
सलामी बल्लेबाजों के आउट होने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों ने वापसी करने की कोशिश की। शेफाली के 129 के स्कोर पर आउट होने के तुरंत बाद स्मृति मंधाना रन आउट होकर पवेलियन लौट गईं। मध्यक्रम में कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकीं और रन गति थोड़ी धीमी हो गई। ऐसा लगने लगा था कि भारतीय टीम 170 के आंकड़े तक ही सीमित रह जाएगी।तभी आखिरी ओवर में युवा बल्लेबाज जी कमलनी ने मैदान पर कदम रखा और अपने इरादे साफ कर दिए। कमलनी ने सिर्फ 5 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 15 रन ठोक डाले, जिसमें पारी की अंतिम गेंद पर लगाया गया दर्शनीय छक्का भी शामिल था। इसी ताबड़तोड़ फिनिशिंग की बदौलत भारत 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंच पाया।
दीप्ति शर्मा और श्री चरणी की फिरकी में उलझी श्रीलंकाई टीम
184 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहले ही ओवर की पांचवीं गेंद पर इमेषा दुलानी को बोल्ड करके श्रीलंका को पहला झटका दिया। हालांकि, इसके बाद कप्तान चमारी अटापट्टू और विश्मी गुणारत्ने ने पारी को संभालने की कोशिश की और दूसरी विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी निभाई। एक समय श्रीलंका का स्कोर 9 ओवर में 62 रन था और मैच बराबरी पर दिख रहा था।लेकिन मैच का असली टर्निंग प्वाइंट 10वें ओवर में आया, जब अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा गेंदबाजी के लिए आईं। दीप्ति ने अपने एक ही ओवर में खतरनाक दिख रही चमारी अटापट्टू को 36 के निजी स्कोर पर स्टंप आउट कराया और फिर अगली कुछ गेंदों में विश्मी गुणारत्ने को बोल्ड करके मैच का पासा भारत के पक्ष में पलट दिया। 63 रन पर 3 विकेट गंवाने के बाद श्रीलंकाई टीम का मध्यक्रम दबाव झेल नहीं सका और ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
स्पिनर श्री चरणी ने बीच के ओवरों में अपनी घातक लाइन और लेंथ से कहर बरपाया। उन्होंने हर्षिता समरविक्रमा, कविषा दिलहारी और नीलाक्षिका सिल्वा को पवेलियन भेजकर श्रीलंका की रही-सही उम्मीदों पर पानी फेर दिया। श्री चरणी ने 4 ओवर में मात्र 20 रन देकर 4 बड़े विकेट चटकाए। वहीं दीप्ति शर्मा ने अंतिम ओवर की आखिरी गेंद पर श्रीलंका का आखिरी विकेट लेकर उनकी पूरी टीम को 111 रन पर ऑलआउट कर दिया। दीप्ति ने अपने 4 ओवर के स्पेल में केवल 19 रन देकर 3 विकेट हासिल किए।
एशियाई क्रिकेट पर भारत का अविश्वसनीय दबदबा
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही पूरे देश में जश्न का माहौल है। देश के प्रमुख दिग्गजों और खेल प्रेमियों ने सोशल मीडिया के जरिए टीम इंडिया को इस शानदार सफलता पर बधाइयां दी हैं। टूर्नामेंट की शुरुआत से लेकर खिताबी जंग तक, भारत ने हर विभाग में अपना दबदबा बनाए रखा। यह रिकॉर्ड 8वीं बार है जब भारत ने महिला एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम की है। शेफाली वर्मा को उनकी ऑलराउंडर परफॉर्मेंस के लिए मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के पुरस्कार से नवाजा गया। इस जीत ने साबित कर दिया है कि एशियाई महाद्वीप में भारतीय महिला टीम का कोई सानी नहीं है।
Tags
क्रिकेट
ख़बर
खेल
Cricket News
Harmanpreet Kaur
India Women vs Sri Lanka Women
Sports
Team India
Women's Asia Cup 2026