दिल्ली में पुलिसिंग का बदला अंदाज: 'थाना दिवस-जनसुनवाई' में आईं सभी 368 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा

राजधानी दिल्ली में आम जनता की समस्याओं को सुनने और उनका जल्द से जल्द समाधान करने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस द्वारा चलाई जा रही 'थाना दिवस-जनसुनवाई' पहल का असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत 8 अगस्त 2026 को दिल्ली के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में जनसुनवाई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान नागरिकों द्वारा कुल 368 शिकायतें दर्ज कराई गईं और सबसे खास बात यह रही कि पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन सभी 368 शिकायतों का पूर्ण समाधान कर दिया। इस कदम से दिल्ली पुलिस ने यह साबित कर दिखाया है कि जनता की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का निराकरण ही उसकी सबसे पहली प्राथमिकता है।

क्या है 'थाना दिवस-जनसुनवाई' पहल और कैसे हुई इसकी शुरुआत

दिल्ली में पुलिस सेवाओं की पहुंच को आसान बनाने और सार्वजनिक शिकायतों के तुरंत समाधान के उद्देश्य से 'थाना दिवस-जनसुनवाई' की नींव रखी गई। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों के बाद जून 2026 में इस पहल की आधिकारिक शुरुआत की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य आम नागरिकों को एक ऐसा मंच देना था जहाँ वे बिना किसी झिझक के अपनी बात रख सकें और पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी समस्याओं को सीधे तौर पर प्रस्तुत कर सकें।

वर्तमान में यह पूरी प्रक्रिया दिल्ली के पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रही है। इस व्यवस्था के तहत दिल्ली के हर पुलिस स्टेशन को आम जनता के लिए अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाया जा रहा है ताकि नागरिकों और पुलिस के बीच बना दूरी का अहसास खत्म हो सके।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी से शिकायतों का तुरंत समाधान

8 अगस्त को आयोजित जनसुनवाई के दौरान दिल्ली के विभिन्न जिलों के पुलिस थानों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुद पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की। वरिष्ठ अधिकारियों ने न केवल नागरिकों से सीधे संवाद किया, बल्कि उनकी शिकायतों और चिंताओं को ध्यानपूर्वक सुना। थानों में मौजूद अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे वर्षों से लटकी या सामान्य शिकायतों का तुरंत निपटारा संभव हो सका।

जब बड़े अधिकारी खुद थानों में मौजूद रहकर जनता की सुनवाई करते हैं, तो इससे न केवल पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय होती है, बल्कि आम जनता का पुलिस की कार्यप्रणाली पर विश्वास भी बढ़ता है। यही वजह है कि 8 अगस्त को मिली सभी 368 शिकायतों को बिना किसी देरी के हल कर दिया गया।

हर शनिवार को जनता के लिए खुले रहेंगे थानों के दरवाजे

'थाना दिवस-जनसुनवाई' व्यवस्था को नियमित रूप से संचालित करने के लिए एक विशेष समय सारणी निर्धारित की गई है। इसके तहत दिल्ली के आम नागरिक प्रत्येक शनिवार सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं।

इस खुली जनसुनवाई के दौरान नागरिक अपनी किसी भी तरह की शिकायत, पुलिस व्यवस्था में सुधार के सुझाव, सहायता के अनुरोध या क्षेत्र की सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों को पुलिस के सामने रख सकते हैं। समयबद्ध तरीके से सुनवाई होने के कारण लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है और थानों में ही समाधान उपलब्ध कराया जा रहा है।

जनता और पुलिस के बीच मजबूत होता विश्वास

दिल्ली पुलिस की यह पहल निश्चित तौर पर राजधानी में कानून व्यवस्था और जन-सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। पहले जहाँ शिकायतों के निस्तारण में काफी समय लग जाता था, वहीं अब वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में फैसले तुरंत लिए जा रहे हैं। सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाली यह व्यवस्था न केवल पुलिस की छवि को बेहतर बना रही है, बल्कि दिल्ली के नागरिकों के मन में सुरक्षा का अहसास भी मजबूत कर रही है। यदि यह सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो दिल्ली पुलिस का यह मॉडल देशभर के अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल साबित हो सकता है।

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